भाजपा ने मेयर के सभी दावेदारों को टिकट थमाया, उलझेगा मामला
RUDRA NEWS EXPRESS
मधु आचार्य ' आशावादी '
नगर निगम के चुनाव को लेकर पार्षद स्तर पर कौन कौन है मैदान में, यह पत्ते तो अब भाजपा व कांग्रेस की तरफ से खुल चुके विवाद व बगावत न हो इस वजह से दोनों ही पार्टियों ने अपने वार्ड पार्षद उम्मीदवारों की सूचियां सार्वजनिक करना उचित नहीं समझा, बस कानों कान खबर देने का ही माध्यम अपनाया है। कुछ वार्डों के उम्मीदवार दोनों ही पार्टियों में तय होने बाकी है, जिनका निर्णय भी आज हो जायेगा।
निगम में मेयर का पद इस बार पूरी तरह से अनारक्षित है तो दावेदार अधिक है, यह समस्या दोनों पार्टियों के लिए विकराल बनी हुई है। कांग्रेस ने तो अभी पूरी तरह से पत्ते खोले नहीं है, मगर भाजपा के दावेदारों में धैर्य नहीं है, वे खुलकर सामने पार्षद का टिकट मिलने से पहले ही आ गये।
इस वजह से भी भाजपा में टिकट तय करने वालों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हुई है।
उच्च स्तर पर इस समस्या पर गंभीर मंथन हुआ। हर नेता की तरफ से कोई नाम सुझाया गया और कुछ पर एतराज किया गया,
कुछ पर मौन साधा गया। एक दावेदार तो ऐसे भी थे जिनको पार्षद का टिकट देने पर भी पश्चिम क्षेत्र के विधायक को एतराज था। उस दावेदार पर विधायक ने गम्भीर आरोप लगाए और साफ कहा कि इसका पार्टी पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। उस दावेदार का नाम न लिखा जाए तो भी पढ़ने वाले, समझते हैं। ठीक इसी तरह कुछ स्वयंभू दावेदार भी मेयर पद के लिए बन गए।
इस सूरत में भाजपा नेतृत्त्व के सामने बड़ी समस्या खड़ी हुई। बीकानेर पश्चिम के विधायक जेठानन्द जी व्यास ने तो बैठक में भाग भी लिया,
अपनी राय भी बेबाकी से अपने क्षेत्र के टिकट दावेदारों पर रखी। मगर बीकानेर पूर्व की विधायक सिद्धि कुमारी जी ने केवल अपनी तरफ से सूचियां भेजी। बैठक में भाग नहीं लिया। उनकी सूची में भी एक नाम ऐसा था, जिसकी दावेदारी पर उनको भी पश्चिम विधायक की तरह एतराज था। दोनों की अंगुली एक ही नाम पर ठहरी हुई थी।

