क्रॉस वोटिंग के चलते कांग्रेस उम्मीदवार को संख्या के बाद भी पराजय मिली
RNE Network.
झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के चुनाव में बड़ा उलटफेर देखने को मिला। विधानसभा में बहुमत होने के बावजूद इंडिया गठबंधन दूसरी सीट नहीं बचा सका। भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी ने क्रॉस वोटिंग के सहारे जीत हासिल की।
अब सबसे बड़ा सवाल उठ रहा है कि वो कौनसा दल या कौन से विधायक है जिन्होंने क्रॉस वोटिंग करके नाथवानी को जिताया।
ये रहा वोटों का गणित:
81 सदस्यीय विधानसभा में राज्यसभा पहुंचने के लिए उम्मीदवार को कम से कम 28 वोटों की जरूरत होती है। ये वोट प्रथम वरीयता वाले होने चाहिए। भाजपा के नेतृत्त्व वाली एनडीए के पास सिर्फ 24 विधायक थे। जबकि जेएमएम, कांग्रेस, राजद और सीपीआई एमएल समेत इंडिया गठबंधन के पास 56 विधायक थे। इसके वावजूद नाथवानी को 28 वोट मिले और उन्होंने कांग्रेस के उम्मीदवार प्रणव झा को हरा दिया। झा को केवल 20 वोट हासिल हुए।
किसने क्रॉस वोटिंग की उसकी पुख्ता जानकारी तो सामने नहीं आयी है मगर सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि आरजेडी और सीपीआई माले के विधायकों ने नाथवानी को वोट दिया। इसका संकेत झारखंड कांग्रेस प्रभारी के राजू ने भी दिया है। परिणाम आते ही उन्होंने सीधे आरजेडी और सीपीआई माले पर विश्वासघात का आरोप लगाया।

