Movie prime

जून में होंगे 3 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव, 2 भाजपा व 1 कांग्रेस सदस्य का कार्यकाल हो रहा पूरा

2 भाजपा व 1 कांग्रेस सदस्य का कार्यकाल हो रहा पूरा
भाजपा - कांग्रेस लगे अभी से उम्मीदवार की तलाश में
भाजपा में टिकट के लिए ज्यादा जोर आजमाईश
 

मधु आचार्य ' आशावादी '
e

RNE Special.
 

राजस्थान में आने वाले जून माह में राज्यसभा की 3 सीटें रिक्त हो रही है। भाजपा के 2 व कांग्रेस के 1 राज्यसभा सदस्य का कार्यकाल पूरा हो रहा है। भाजपा की तरफ से केंद्रीय रेल राज्य मंत्री व पंजाब के नेता रणवीर बिट्टू व राजेन्द्र गहलोत का कार्यकाल पूरा हो रहा है। कांग्रेस के नीरज डांगी का कार्यकाल पूरा हो रहा है।
d

भाजपा के केंद्रीय राज्य मंत्री बिट्टू को 2 साल का ही कार्यकाल मिला था, वो रिक्त सीट पर चुनाव लड़े थे। जबकि राजेन्द्र गहलोत अपना 6 वर्ष का कार्यकाल पूरा करेंगे। कांग्रेस के  नीरज डांगी भी अपना 6 साल का कार्यकाल पूरा कर रहे है।

इस बार ये गणित:

राज्य विधानसभा में वर्तमान विधायकों की स्थिति से स्पष्ट है कि जून में होने वाले राज्यसभा चुनाव में भाजपा 2 व कांग्रेस 1 सीट पर आसानी से चुनाव जीत जाएगी। दोनों दलों के पास जीत का अपना पूरा आंकड़ा है। 
d
भाजपा में एक बाहरी की संभावना:

भाजपा को इन सीटों के लिए उम्मीदवार तय करने है। पिछली बार की तरह इस बार भी एक उम्मीदवार बाहरी होना तय सा लगता है। क्योंकि केंद्रीय रेल राज्य मंत्री बिट्टू पंजाब में लोकसभा चुनाव हार गए और राज्यसभा चुनाव पंजाब में जीतने की कोई संभावना भाजपा में है नहीं।

d

इस सूरत में उनको राजस्थान से राज्यसभा में लाना ज्यादा आसान रहेगा। मोदी मंत्रिमंडल में वो एक प्रमुख सिख चेहरा है। पंजाब में बदहाल भाजपा को खड़ा करना है, इस स्थिति में उनको वापस राज्यसभा तो लाना भाजपा की मजबूरी है। बिट्टू संसद में सोनिया गांधी परिवार पर हमलावर भी तीखे रहते है। हाल में संसद के गेट पर उनकी व राहुल गांधी की तीखी तकरार हुई थी। भाजपा बिट्टू को वापस राजस्थान से रिपीट करती है तो तय ही है कि एक बाहरी उम्मीदवार होगा।

दूसरी सीट के लिए जोर आजमाईश:

भाजपा में असली जोर आजमाईश दूसरी सीट के लिए होगी। जिसके लिए कई नेता अभी से सक्रिय हो गए है। इस सीट पर कईयों की नजर है। वे नेता अभी से अपनी गणित बिठाने में लग गए है। 
इस सीट पर प्रमुखता से जिन नामों की चर्चा हो रही है उनमें राजेन्द्र राठौड़ व सतीश पूनिया के नाम प्रमुखता से लिये जा रहे है। एक धड़ा महिला नेता को राज्यसभा में भेजना चाहता है। जिसके लिए अलका गुजर व ज्योति मिर्धा के नामों की चर्चा है। अब निर्णय तो भाजपा के केंद्रीय नेतृत्त्व को करना है। जो सारे समीकरण देखकर ही नाम फाइनल करेगा।

s

पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने इस बार तारानगर से विधानसभा का चुनाव लड़ा था, मगर वे नरेंद्र बुडानिया से हार गए। राज्य में अभी उनको कोई राजनीतिक दायित्त्व भी नहीं मिला हुआ है। केंद्रीय नेतृत्त्व से नजदीकियों के कारण राज्यसभा के लिए उनका दावा मजबूत माना जा रहा है।
d

सतीश पूनिया प्रदेश अध्यक्ष रहे है, वे भी आमेर से इस बार विधानसभा चुनाव हार गए थे। उन्होंने हरियाणा के चुनाव प्रभारी के रूप में जबरदस्त सफलता पाई और वहां तीसरी बार भाजपा की सरकार बनवाई। संघ से भी उनकी नजदीकियां रही है। इस कारण उनका दावा मजबूत माना जा रहा है और वे सक्रिय भी है।
 

पार्टी का एक धड़ा किसी महिला को राज्यसभा में भेजने का विचार भी रखता है। उस सूरत में अलका गुजर व ज्योति मिर्धा के नामों को लेकर चर्चा है। अब केंद्रीय नेतृत्त्व क्या निर्णय करता है, यह तो आने वाला समय ही बतायेगा।

FROM AROUND THE WEB