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गहलोत भाजपा पर हमला करते है, पर मानेसर को केंद्र में रखते है, लगातार मानेसर पर बोल रहे है गहलोत

आलाकमान अब मानेसर के बयानों से नाराज, संदेश भी दिया
 
 

मधु आचार्य ' आशावादी '
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RNE Special.
 

राज्य की राजनीति इन दिनों जन आंदोलनों से नहीं, चुनावों से नहीं अपितु राजनीतिक बयानों के कारण ज्यादा गर्म है। भाजपा और कांग्रेस, दोनों ही बयानों के कारण राजनीतिक माहौल को गरमाये हुए है। जनता भी अब इन बयानों को लेकर पाटों पर बहस में जुट गई है।
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इन दोनों दलों के नेताओं के बयानों के बीच नागौर सांसद व आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल के बयान तो चलते ही है। बेनीवाल अपने बयानों से एक अलग तरह की बहस को सदा जीवित रखते है। अभी वे मुख्यमंत्री भजनलाल व भाजपा सरकार के साथ साथ भाजपा के प्रदेश प्रभारी राधेमोहन पर हमलावर है। क्योंकि भाजपा प्रभारी ने भी बेनीवाल पर राजनीतिक बयान दे दिया था।
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भाजपा में बयानों से गर्माहट लाने का काम वसुंधरा राजे, प्रदेश प्रभारी राधेमोहन, प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ कर रहे है। इनके राजनीतिक बयान पार्टी में और कांग्रेस में गर्माहट लाये हुए है। कांग्रेस में पूर्व सीएम अशोक गहलोत, पीसीसी चीफ गोविंद डोटासरा, ने गर्मी पैदा की हुई है।

राधेमोहन के बयान से गर्माहट:

इस बार भाजपा के प्रदेश प्रभारी राधेमोहन अग्रवाल के बयान से गर्माहट आई, जो अभी तक भी नहीं रुकी है। उस पर एक बयानों की जंग कांग्रेस के भीतर शुरू हो गयी है। 

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भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन पहली बार राज्य के दौरे पर आए। उनकी सभा कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट के विधानसभा क्षेत्र में आयोजित हुई। इस सभा में भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के अलावा, राधेमोहन, सीएम भजनलाल शर्मा, प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ भी शामिल थे। भाजपा के 7 जिला कार्यलयों का उद्घाटन भी हुआ। टोंक से पायलट ने लगातार दो बार चुनाव जीता है और वो भी बड़े अंतर से। जाहिर है, इस सभा में अब हमला उन पर ही होना था क्योंकि गहलोत तो सीएम रहे नहीं, पायलट राष्ट्रीय महासचिव है। उसकी आंच कांग्रेस तक भी आ पहुंची।

ये कहा था राधेमोहन ने ..

भाजपा के राज्य प्रभारी और राज्यसभा सदस्य राधेमोहन ने कहा कि सचिन पायलट बहरूपिया है। उसने टोंक के लोगों को ठगा है। पायलट का एक पांव टोंक में रहता है और दूसरा न जाने कहां रहता है। 

 

उनके इस बयान पर पायलट समर्थक भड़क उठे। उन्होंने दूसरे दिन टोंक में जुलूस निकाला, प्रदर्शन किया और राधेमोहन का पुतला जलाया। बीकानेर सहित अनेक जिलों में पायलट समर्थकों ने प्रदर्शन किया। पुतले फूंके।
 

पायलट के समर्थन में लोग सड़कों पर उतर आए। जबकि अपनी प्रतिक्रिया में पायलट शांत थे और कहा कि मैं नकारात्मक राजनीति नहीं करता। वहीं विरोध को देखते हुए राधेमोहन को यहां तक कहना पड़ गया कि यदि राज्य में मुझे कुछ होता है तो उसके लिए सचिन पायलट जिम्मेदार होंगे। पायलट समर्थक बोल भी गुस्से में रहे थे।

खेल गहलोत के बयान से शुरू:

असल खेल पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान से आरम्भ हुआ। उन्होंने राधेमोहन के बयान पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पायलट की दोनों टांगे अब कांग्रेस में है। एक बार भाजपा भटकाकर हमारे लोगों को मानेसर ले गई। अब सचिन पायलट के सब समझ आ गया है , वे अब नहीं भटकेंगे। पिछले 15 दिन में गहलोत का यह तीसरा बयान था जब उन्होंने फिर से मानेसर का जिक्र कर पायलट पर हमला बोला था। उसका रिएक्शन तो होना ही था।

भड़के  पायलट समर्थक विधायक:

गहलोत के लगातार मानेसर को लेकर बयान देने और सचिन पायलट व उनके साथ गये विधायकों पर तंज करने से पायलट समर्थकों की नाराजगी स्वाभाविक थी। सचिन पायलट पहले की तरह कुछ नहीं बोले, संयम रखा। गहलोत को वरिष्ठ नेता कहकर बात टाल दी।

 

मगर पायलट समर्थक विधायक और कुछ नेता इस बार चुप नहीं रहे, उन्होंने जवाब दिया। लाडनूं विधायक मुकेश भाकर ने तो साफ साफ कह दिया कि बारबार मानेसर का जिक्र जानबूझकर किया जा रहा है। यदि अब ज्यादा बोला गया तो फिर कुछ सुनने के लिए भी तैयार रहना होगा।
 

अभिषेक पूनिया, रामनिवास गावड़िया सहित कुछ अन्य ने भी इशारों इशारों में गहलोत के बयान पर साफ नाराजगी जता दी। पायलट के समर्थक कई नेताओं इस बार तो सार्वजनिक रूप से गहलोत के मानेसर के बयान की आलोचना कर अपने तेवर दिखाए है। 
 

आलाकमान तक भी मानेसर पर दिए जा रहे बारबार के बयानों की बात पहुंची है। आलाकमान इससे नाराज भी है। इस बात की पुष्टि तो नहीं मगर कहा जा रहा है कि आलाकमान ने अपनी नाराजगी की बात गहलोत तक पहुंचाई भी है।

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