Hanuman Beniwal का ओम बिरला से सवाल-डूडी को श्रद्धांजलि क्यों नहीं दी?
RNE Bikaner.
बीकानेर ने बीत रहे साल में अपने दो पूर्व सांसदों को खोया है। इनमें भाजपा से सांसद रहे अभिनेता धर्मेन्द्र देयोल और पूर्व सांसद, पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी शामिल रहे। धर्मेन्द्र की जहां देश-दुनिया में बतौर अभिनेता खास पहचान रही वहीं डूडी भी विधायक, सांसद रहने के साथ राजस्थान के बड़े किसान नेता थे।

दोनों का निधन दुखद है लेकिन लोकसभा में इनको श्रद्धांजलि देने में हुए भेदभाव या चूक पर सवाल उठने लगे हैं। सदन में धर्मेन्द्र को जहां श्रद्धांजलि दी गई वहीं डूडी का जिक्र तक नहीं हुआ। रालोपा प्रमुख, सांसद हनुमान बेनीवाल ने इस पर अफसोस जताते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र भी लिखा है।

यहां एक महत्वपूर्ण सवाल यह भी खड़ा हो रहा है कि खुद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला राजस्थान से हैं और डूडी से भलीभांति वाकिफ थे। इतना ही नहीं संसदीय कार्यमंत्री अर्जुनराम मेघवाल बीकानेर के ही हैं। संसदीय कामकाज देखने वाले इस नेता ने भी डूडी का नाम श्रद्धांजलि देने वालों की लिस्ट में नहीं होने पर टोका क्यों नहीं।
हनुमान बेनीवाल की ओम बिरला को चिट्ठी:

"माननीय लोकसभा अध्यक्ष श्री Om Birla जी, कल दिनांक 01/12/2025 को संसद का शीतकालीन सत्र प्रारम्भ हुआ और सदन की परम्परा के अनुसार आपने सत्र के प्रथम दिन लोक सभा के पूर्व सम्मानित सांसद जो दिवंगत हो गए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की मगर मुझे यह लिखते हुए खेद है कि आप द्वारा बीकानेर से पूर्व सांसद ,राजस्थान विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष तथा हमारी किसान कौम के दिग्गज नेता स्वर्गीय रामेश्वर जी डूडी का आपने जिक्र तक नहीं किया जिससे प्रदेश व देश के किसान वर्ग में भारी रोष व्याप्त है |

चूंकि आप संवैधानिक पद पर विराजमान है,आप स्वयं राजस्थान से आते है और स्वर्गीय रामेश्वर जी डूडी भी राजस्थान से आते थे और आप उन्हें व्यक्तिगत रूप भी जानते थे ऐसे में यह जो चूक हुई वो किस स्तर पर हुई है उसका जवाब देश का किसान इस सदन के सचिवालय से भी मांग रहा है |
मेरा आपसे आग्रह है कि कल दिनांक 03/12/2025 को जब सदन की कार्यवाही प्रारम्भ हो तब आप स्वर्गीय रामेश्वर जी डूडी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद सदन की कार्यवाही प्रारम्भ करें ताकि इस सदन की परम्परा कायम रहें | धन्यवाद"
क्या आज होगा भूल सुधार:
बेनीवाल की इस चिट्ठी के बाद राजस्थान में इस मुद्दे पर चर्चा शुरू हो गई है। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या सदन में रही चूक को आज यानी 03 दिसंबर को सुधारा जाएगा?

