इस तरह साफ साफ राजे ही बोल सकती है, दूसरा नहीं, तिवाड़ी व किरोड़ी की बातें उन्हीं के सामने कह दी
कई अर्थ निकाले जा रहे है वसुंधरा राजे के भाषण के
बात निकली है तो शोर, मंथन व चिंतन तो होगा
मधु आचार्य ' आशावादी '

RNE Special.
6 अप्रैल। जयपुर स्थित भाजपा का प्रदेश मुख्यालय। मुख्यालय में भाजपा स्थापना दिवस का आयोजन। मंच पर प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ सहित प्रदेश के सभी वरिष्ठ भाजपा नेता। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी शामिल। सबको भाषण देना था। भाषण दिए भी। भाषण देने वालों में पूर्व सीएम व इन दिनों अपने बयानों से सुर्खियों में रहते हुए राज्य की भाजपा राजनीति में भूचाल लाने वाली वसुंधरा राजे भी शामिल।

सबकी निगाहें भी उन पर। क्योंकि हर कोई जानता है कि इस समय वे पार्टी की राजनीति में हाशिये पर ही है। इस बार विधानसभा चुनाव उनकी अगुवाई में लड़ा गया मगर सरकार का नेतृत्त्व उनको नहीं दिया गया। भजनलाल शर्मा को सीएम बना दिया गया। बाद में उनको भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाये जाने की चर्चा चली, मगर वो भी केवल चर्चा ही रही। इन सब राजनीतिक स्थितियों के मध्य राजे के पिछले दिनों के बयान द्विअर्थी व बहुत मारक रहे है। इस कारण उन पर सबका ध्यान जाना वाजिब भी था, उन्होंने ने भी इस मामले में उत्सुक नेताओं को निराश नहीं किया।

तिवाड़ी व किरोड़ी पर कही बात:
राजे जब भाषण देने के लिए खड़ी हुई तो उस समय वहां राज्यसभा सदस्य व वरिष्ठ नेता घनश्याम तिवाड़ी भी उपस्थित थे। तिवाड़ी और राजे के बीच के सम्बंध जग जाहिर है। जब तिवाड़ी राजे के मंत्रिमंडल में थे, तब भी दोनों के मध्य जबरदस्त टकराहट थी। बाद में तो तिवाड़ी खुलकर राजे के विरोध में उतर गए। सड़कों पर प्रदर्शन भी किये।

राजे से सरकारी बंगला खाली कराने की मांग पर तिवाड़ी ने प्रदर्शन किया था। उन्होंने भाजपा छोड़ दी और अपनी पार्टी बना ली। बाद में वे कांग्रेस में चले गए। वापस भाजपा में आ गए और राज्यसभा सदस्य बन गए। कुल मिलाकर दोनों के बीच टकराहट जबरदस्त रही है।

राजे ने सबसे पहले उनको संबोधित किया और कहा कि तिवाड़ी जी मेरे मंत्रिमंडल में रहे है, हमारे संबंधों की अपनी एक कहानी है। कई खट्टे मीठे अनुभव रहे है। उनको आज इस मंच पर देखकर प्रसन्नता है। जब राजे अपने और तिवाड़ी जी के संबंधों पर बोल रही थी तो वे सुनकर मंद मंद मुस्कुरा रहे थे। राजे ने अपने और उनके राजनीतिक संबंधों के बारे में बेबाकी से अपनी बात कही। पार्टी कार्यालय में इस आयोजन में बैठे सभी लोग राजे के भाषण का अभिप्राय समझ रहे थे और मुस्कुरा भी रहे थे।
फिर किरोड़ी बाबा पर बोली राजे:
घनश्याम तिवाड़ी के बाद राजे ने कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा को संबोधित किया। इस संबोधन में भी उन्होंने अपरोक्ष रूप से यही कहा कि किरोड़ी जी के साथ भी मेरे संबंध उतार चढ़ाव वाले रहे है। हम साथ भी रहे, अलग अलग भी चले। अलग अलग भी रहे।

राजे व किरोड़ी बाबा के बीच भी पार्टी के भीतर रहते हुए जबरदस्त टकराहट थी। आखिरकार किरोड़ी बाबा ने भाजपा छोड़ी और अपनी पार्टी बनाई। तब पूर्वी राजस्थान में उन्होंने भाजपा को जबरदस्त नुकसान पहुंचाया। उन संबंधों पर भी राजे चुटकी लेने से नहीं चुकी। उपस्थित नेता व पदाधिकारी इस भाषण के पीछे की कहानी चूंकि जानते थे, इस कारण सहज ही उनके होठों पर मुस्कुराहट आ गयी।
यह साफगोई राजे ही कर सकती है:
इस तरह से पार्टी मुख्यालय में पार्टी के मंच पर सभी नेताओं की उपस्थिति में साफ साफ बोलना केवल वसुंधरा राजे के लिए ही सम्भव है। कोई दूसरा नेता यह साहस नहीं कर सकता। अपने मन की बात भी राजे ने कह दी और टकराहट पर कटाक्ष भी कर दिया। वो भी इस अंदाज में कि कोई कुछ भी न बोल सके। जिन पर कहा वे भी कुछ नहीं बोल सके।
प्रदेशाध्यक्ष भी मुस्कुरा के रह गए:
मंच पर भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ भी थे। वे राजे के भाषण की एक एक बात को बड़े गौर से सुन रहे थे, समझ भी रहे थे मगर प्रतिक्रिया के नाम पर केवल मुस्कुरा के रह गए।

जब वे खुद भाषण देने खड़े हुए तो वसुंधरा राजे का नाम लेकर कहा कि उन सहित सभी नेताओं ने सब कह दिया। अब मेरे पास कहने के लिए कुछ भी नहीं बचा है।
राजे के भाषण पर अब चर्चाएं गर्म:
राजे के बयान को लेकर अब भाजपा के भीतर व सियासी गलियारों में जबरदस्त चर्चाएं चल रही है। उनके भाषण के लोग अपने अपने दायरे से अर्थ निकाल रहे है। प्रदेश के अन्य जिलों में भी इस भाषण पर कार्यकर्ता आपस में चर्चा कर अपनी राय दे रहे है। भाजपा के भीतर इस भाषण से एक बहस छिड़ी हुई है, यह सत्य है। अब बात निकली है तो दूर तलक जाएगी। कुछ शोर होगा तो कुछ नेता इस पर मंथन भी करेंगे। भाजपा में जयपुर से दिल्ली तक एक चिंतन शुरू हुआ है, ये भी सत्य है। क्योंकि यह भाषण किसी अन्य ने नही पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने दिया है। जिनकी राजस्थान में मजबूत पकड़ है। कई विधायक व सांसद उनके साथ है। भाजपा में राजे के भाषण ने एक हलचल पैदा कर दी है।

