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Mohan Bhagwat Speaks on the Ram Mandir issue : मोहन भागवत बोले, होसबोले का बयान ही RSS का रुख, जानिए होसबोले क्या बोले!

 

RNE Nagpur-New Delhi.

 

अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। भागवत ने इस मुद्दे पर अलग से टिप्पणी करने के बजाय संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले के बयान को ही संगठन का आधिकारिक रुख बताया और कहा कि उसी को देखा जाए।

 

नागपुर में एक समारोह के दौरान पत्रकारों ने जब उनसे राम मंदिर में चढ़ावे की कथित हेराफेरी को लेकर सवाल पूछा तो उन्होंने संक्षिप्त जवाब देते हुए कहा, "कल दत्तात्रेय होसबोले ने एक बयान जारी किया था, आप उसे देख सकते हैं।"

 

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जानिए होसबोले ने घटना पर क्या कहा

RSS के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने 3 जुलाई को जारी बयान में कहा कि श्रीराम जन्मभूमि पर बना भव्य मंदिर करोड़ों रामभक्तों की आस्था, संघर्ष और बलिदान का प्रतीक है। ऐसे में मंदिर के दानपात्रों में चोरी की घटना ने पूरे समाज और रामभक्तों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई है। उन्होंने कहा कि यह घटना "बेहद निंदनीय" है और जांच में जो भी दोषी पाए जाएं, उन्हें कड़ी से कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए।

ट्रस्ट और SIT से पारदर्शी कार्रवाई की अपेक्षा

होसबोले ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के आग्रह पर उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है और उसकी सिफारिशों के आधार पर कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि ट्रस्ट इस घटना को असाधारण गंभीरता से लेते हुए मंदिर की वित्तीय व्यवस्था और संचालन प्रणाली में मौजूद सभी कमियों को दूर करेगा, ताकि करोड़ों श्रद्धालुओं का विश्वास अटूट बना रहे।

भ्रम की स्थिति खत्म करने की जरूरत

RSS ने कहा कि वर्तमान में बने भ्रम और अनिश्चितता के माहौल को जल्द समाप्त किया जाना चाहिए। इसके लिए मंदिर प्रबंधन और सरकार द्वारा गठित SIT को सभी आवश्यक कदम उठाने चाहिए। संघ ने पारदर्शी वित्तीय प्रबंधन, मजबूत प्रशासनिक व्यवस्था और धार्मिक पवित्रता के वातावरण को बनाए रखने पर भी जोर दिया।

समाज से धैर्य और संयम की अपील

अपने बयान में RSS ने पूरे हिंदू समाज से धैर्य और संयम बनाए रखने की अपील की। साथ ही कहा कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना का इस्तेमाल कर हिंदू धर्म और समाज को बदनाम करने की कोशिश करने वाली "हिंदू-विरोधी और राष्ट्र-विरोधी ताकतों" की साजिशों को विफल किया जाना चाहिए।

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