सीपीएम दफ्तर में पुलिस एंट्री पर संसद में बवाल, नड्डा ने याद दिलाई इमरजेंसी
RNE Network.
दिल्ली के जंतर मंतर पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन में शामिल सीपीएम की युवा नेता आइशी घोष भी शामिल थी। उन्हें गिरफ्तार करने के लिए दिल्ली पुलिस सीपीएम दफ्तर पहुंची थी, तो यह मुद्दा देश की संसद में गूंजा।
इस मुद्दे पर सीपीएम नेता जॉन ब्रिटास और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सीपीएम जैसी राष्ट्रीय पार्टी के कार्यालय में घुसने का आरोप लगाया। दूसरी तरफ केंद्रीय मंत्री जे पी नड्डा ने पलटवार किया और 1975 की एमरजेंसी को याद दिलाया। नड्डा ने कहा कि उन्हें 1975 में कांग्रेस सरकार द्वारा लागू आपातकाल के दौरान एक कक्षा के अंदर से गिरफ्तारी की गई थी।
उच्च सदन में इस मुद्दे को उठाते हुए जॉन ब्रिटास ने कहा, कल एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी। दिल्ली पुलिस की एक टीम राष्ट्रीय राजनीतिक दल सीपीएम के मुख्यालय में जबरदस्ती घुस गई, उसका मकसद जेएनयू छात्र संघ की पूर्व अध्यक्ष आइशी घोष को गिरफ्तार करना था। उनकी एकमात्र गलती यह थी कि उन्होंने जंतर मंतर आंदोलन में भाग लिया था।

