Movie prime

सर्वदलीय बैठक से विपक्ष नदारद, कांग्रेस ने बहिष्कार किया, नेता प्रतिपक्ष जुली ने आरोप लगाया कि निर्णय एकपक्षीय हो रहे

 

RNE Network.

राज्य विधानसभा के 1 सितम्बर से आरम्भ हो रहे मानसून सत्र को लेकर गुरुवार को विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की तरफ से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में सिर्फ सत्ता पक्ष ही पहुंचा। कांग्रेस ने बैठक का बहिष्कार कर दिया।
 

बसपा और आरएलडी विधायको ने निजी कारण बताकर बैठक में आने पर असमर्थता जता दी। बीएपी का कोई प्रतिनिधि इस बैठक में शामिल नहीं हुआ। बैठक में सीएम भजनलाल, संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल और सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग शामिल हुए। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जुली, प्रतिपक्ष के मुख्य सचेतक रफीक खान, बसपा के मनोज कुमार न्यांगली, भारत आदिवासी पार्टी के थावर चंद और आरएलडी के सुभाष गर्ग बैठक में शामिल नहीं हुए। करीब पौने घन्टे चली बैठक की फोटो भी जारी नहीं की गई।
 

जुली : एक पक्षीय हो रहे निर्णय
 

विधानसभा में कई घटनाक्रम ऐसे हुए जो एकपक्षीय रहे। नरेंद्र बुडानिया को विशेषाधिकार समिति का अध्यक्ष बनाया, परंतु हटा दिया गया। सरकार की एक विधायक ने कहा कि सीएम के गृह जिले में प्रधानों को हटाकर भाजपा के प्रधान बनाये है। विपक्ष की आवाज नहीं सुनी जा रही। इस कारण सर्वदलीय बैठक का बहिष्कार किया। सदन की पहले दिन की बैठक में भाग लेंगे। दूसरे दिन हमारे विधायक दल की बैठक है। वहां निर्णय लिया जाएगा। 
 

भाजपा ने की जुली की आलोचना:
 

सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने कहा कि जुली से पूछकर तारीख तय की गई। उनका आरोप था कि डोटासरा वर्सेज जुली की वजह से यह सब हो रहा है। मंत्री जोगाराम पटेल ने आरोप लगाया कि जुली डोटासरा के दबाव में उपस्थित नहीं हुए।