राज्यसभा चुनाव से पहले राहुल गांधी सख्त, क्रॉस वोटिंग पर पार्टी से बाहर करने की चेतावनी
RNE Network.
राहुल गांधी ने अब राजयसभा चुनाव से पहले अपने तीखे तेवर दिखाने आरम्भ कर दिए है। पिछले चुनावों को छोड़ दें तो अक्सर विधायकों की संख्या कम होने के कारण कार्यवाई नहीं की जाती थी, मगर पिछले चुनाव में 5 विधायको पर कार्यवाई कर राहुल ने दिखा दिया कि अब अनुसाशन पहले है।
इस बार के राज्य सभा के चुनाव इसी महीनें है। मध्यप्रदेश में भी है। विधायक संख्या बल के आधार पर कांग्रेस के हिस्से में एक सीट आनी है। हरियाणा के चुनाव से कांग्रेस सतर्क है। 7 वोट अधिक थे फिर भी एक वोट से जीत पाई।

कांग्रेस ने मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी व प्रभारी हरीश चौधरी के जरिये सभी बड़े व छोटे विधायकों को चेतावनी दिलवादी है कि क्रॉस वोटिंग बर्दाश्त नहीं होगी। किसी को बख्शा नहीं जायेगा। सीधे पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया जायेगा, हरियाणा की देर।
ये हुआ था हरियाणा में:
पहले हरियाणा में हर राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस क्रॉस वोटिंग करती। जो विधायक यह अनुशासनहीनता करते, उनका पता भी होता। मगर उनको निलंबित कर छोड़ दिया जाता, जिससे वे पार्टी में बने रहते। इस बार 5 विधायको ने क्रॉस कर भाजपा समर्थित को वोट दिए। सोचा निलंबित होंगे, चुनाव तक वापस पार्टी में आ जाएंगे। ये आदतन क्रॉस वोटिंग करने वाले थे।

उनको पता नहीं था अब कांग्रेस बदल चुकी, राहुल संख्त हो चुके। उन्होंने रिपोर्ट मंगवाई और सीधे उन 5 विधायकों को पार्टी से बाहर निकाल दिया। ये उम्मीद उनको नहीं थी। न विपक्ष के नेता भूपेंद्र हुड्डा को थी। उन विधायको की स्थिति खराब है। मुस्लिम विधायकों को भाजपा पार्टी में शामिल नहीं कर सकती। टिकट नहीं दे सकती। कांग्रेस की स्थिति नहीं रही। अब न इधर के न उधर के।

इसी तरह की धमकी राहुल ने मध्यप्रदेश के विधायकों को दे दी है। क्रॉस वोटिंग की तो पार्टी में नहीं रह सकेंगे। लगता है कांग्रेस बदल रही है।

