Movie prime

Rajasthan Assembly : खेजड़ी बचाने के मुद्दे पर बोलते हरीश चौधरी दुखी हुए बोले-सरकार इस मसले पर गंभीर नहीं

Harish Choudhary on Khejri Movement in Rajasthan Assembly
 

RNE Jaipur. 
 

बीकानेर में चल रहे खेजड़ी बचाओ महापड़ाव के बीच गुरुवार को एक बार फिर खेजड़ी बचाने का मुद्दा राजस्थान विधानसभा में गूंजा। बायतू के विधायक हरीश चौधरी स्थगन प्रस्ताव के जरिये इस मुद्दे पर बोलने के लिए खड़े हुए लेकिन बोलते हुए बीच में इस बात पर दुखी हो गए कि इतने गंभीर मुद्दे पर सरकार गंभीर नहीं है। विधानसभा में भी जब इतने गंभीर मसले पर बोल रहे हैं तब बात को हंसी-मजाक में टाला जा रहा है। बीच में टोकाटाकी होन पर भी चौधरी आवेशिता हो गये। बोले-मुझे आपसे ज्यादा जोर से बोलना आता है।

विडियो देखने के लिए फोटो पर क्लिक करें :
d

दरअसल बायतू विधायक हरीश चौधरी ने खेजड़ी आंदोलन की पृष्ठभूमि में स्थगन प्रस्ताव के जरिये अपनी बात रखी। चौधरी ने कहा, इस सदन में लगातार ये बात दोहराई जा रही है कि विकास भी और विरासत भी। मेरा सवाल यह है कि यह विरासत क्या पत्थर से बने हुए भवन हैं! सरकार से सवाल है कि क्या  ये विरासत पत्थर से बने भवन है क्या कुछ और, विरासत की जड़ तक क्यों नहीं जानते। पहले खेजड़ी आई, फिर जीवन और उसी जीवन ने थार के रेगिस्तान को नई सभ्यता दी। थार को हम लोग नहीं जानना चाह रहे हैं इस खेजड़ी के योगदान को नजर अंदाज कर रहे हैं। इस बीच मंत्री जोगाराम पटेल का नाम लेने के कारण पटेल-चौधरी मंे हलकी नोक-झोंक भी हुई।
 

हरीश चौधरी बोले, ऐसा आज प्रतीत होता है कि सरकार इस मसले पर गंभीर नहीं है। खेजड़ी एक दिन, एक साल, पांच साल में उगने वाला पेड़ नहीं है। खेजड़ी की औसत उम्र 400 साल होती है। कितने लाख खेजड़ी हमने पिछले सालों में कटवपई। उन्होंने 25 लाख से एक करोड तक पेड़ कटने के आंकड़े का जिक्र करते हुए कहा, एक वो पीढ़ी थी जिसने खेजड़ी बचाने के लिए सिर दिया। आज हमारी पीढ़ी है जो इसे बचाने में विफल हो रही है। इसे हमें स्वीकार करना चाहिये। दोषारोपण नहीं करना चाहिये।
d

बीकानेर सहित पूरे राजस्थान में खेजड़ी का आंदोलन चल रहा है। खेजड़ी को विरासत बताते हुए कहा, 1954 मंे टीनेंसी एक्ट बना तो हमें खेजड़ी प्रोपर्टी के रूप मंे मिली। मंत्रीजी ने कहा सरकार बचाना चाह रही है। एक तरफ सरकार यह बचाने की बात कह रही है दूसरी ओर बीते कई दिनों मंे फिर हजारों खेजड़ी कटी है। इस बीच टोकाटोकी होने के साथ ही हरीश चौधरी भी तैश में आ गये। मुझे कुछ बताने की जरूरत नहीं है। आप अपनी जिम्मेदारी में विफल हो रहे हैं। आप तेज बोल रहे हो तो मुझे आपसे ज्यादा तेज बोलना आता है। हालांकि नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने खड़े होकर कहा, मंत्रीजी इस पर कुछ कहना चाहते हैं लेकिन इस पर मंत्री का कोई जवाब नहीं आया।

FROM AROUND THE WEB