Raje-Rathore statement war : राठौड़ की प्रतिक्रिया के बाद वसुंधरा की आई सफाई "मेरे बयान को तोड़ा-मरोड़ा"
RNE Jaipur-Bikaner.
राजनीति में की बार कहे गए शब्दों से ज्यादा उनके कहने का समय और संदर्भ बड़े मायने रखते हैं। इसी से शब्दों के अर्थ और प्रभाव दोनों बदल जाते हैं जो कई बार नई बहस और विवाद को जन्म दे जाते हैं। कुछ ऐसा ही कहा जा सकता है भाजपा की दिग्गज नेता पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के हालिया बयान और उस पर पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ की प्रतिक्रिया को देखकर।
दरअसल बीकानेर दौरे पर आए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ से पत्रकारों ने वसुंधरा राजे के एक बयान पर प्रतिक्रिया चाही। संतुलित प्रतिक्रिया देते-देते भी राठौड़ बोल गए "वसुंधरा जी के हर काम हो रहे हैं। हर बार कोई मुख्यमंत्री थोड़े ही..।" बस-इसी के साथ कयास शुरू हो गए कि राजे कि एकबारगी फिर कहीं संगठन से ठन तो नहीं गई। लेकिन इस बयान के प्रत्युत्तर में फिलहाल राजे ने काफी संतुलित प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है " मेरी बातों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है। कुछ षड्यंत्रकारी लोग बात को गलत अर्थ देने का प्रयास करते हैं। ऐसे लोग कभी सफल नहीं होंगे।" ऐसे में भले ही राजे ने विवाद का पटाक्षेप करने की कोशिश की है लेकिन "कुछ षड्यंत्रकारी लोगों" की ओर इशारा कर जाता दिया है कि पार्टी में सबकुछ ठीक नहीं है।
".. अपने लिये कुछ न कर सकी.." से शुरुआत :
इस बहस की शुरुआत राजे के एक बयान से हुई। दरअसल दो दिन पहले वसुंधरा राजे कामखेड़ा बालाजी के दर्शन के लिए पहुंची थीं। यहां सांसद दुष्यंत सिंह की यात्रा की शुरुआत हुई थी। इस दौरान कुछ लोगों ने उनसे नेशनल हाईवे के बाइपास के एलाइनमेंट को बदलने की मांग की थी। इस दौरान राजे ने कहा था- मैं अपने आपके लिए कुछ नहीं कर सकी, तुम्हारे लिए क्या करूं। मेरा चला गया, मैं नहीं बचा सकी। वसुंधरा राजे ने कहा कि धौलपुर में मेरे घर के सामने से नेशनल हाईवे निकलने पर मुझे भी अपनी दीवार पीछे करनी पड़ी थी। मेरी जमीन भी गई थी। मैंने लोगों को समझाया- जब मैं अपनी जमीन नहीं बचा पाईं, तो दूसरों के लिए नियम कैसे बदल सकती हैं।
बात निकली और दूर तक चली गई.. :
राजे के इस बयान के कई मायने निकाले गए। इसे कुछ यूं पेश किया गया मानो वे कह रही हों कि उन्हें खुद के लिये उचित पद (CM) नहीं मिला। इसी बयान को आधार बनाते हुए पत्रकारों ने बीकानेर दौररे पर आए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ से सवाल किया। राठौड़ बोल पड़े " ऐसा नहीं है कि वसुंधरा राजे के काम नहीं हो रहे हैं, उनके सभी काम हो रहे हैं। हर बार कोई मुख्यमंत्री थोड़े ही होता…।” हालांकि राठौड़ ने यह भी स्पष्ट किया कि वसुंधरा राजे आज भी पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं। उन्होंने अपने बयान में एक कहावत का भी जिक्र करते हुए माहौल को हल्का करने की कोशिश की।
राजे की सफाई :
बीकानेर में मदन राठौड़ की ओर से दी गई प्रतिक्रिया के बाद Vasundhara Raje की सफाई भी आई है। राजे ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा है कि उनकी बातों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया। उन्होंने कहा कि कुछ षड्यंत्रकारी लोग जानबूझकर गलत अर्थ निकालते हैं, लेकिन ऐसे लोग कभी सफल नहीं होंगे। राजे ने स्पष्ट किया कि उनका बयान किसी पद या राजनीति को लेकर नहीं था, बल्कि एक स्थानीय मुद्दे पर बातचीत के दौरान दिया गया था। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि धौलपुर में उनके घर के सामने से नेशनल हाईवे निकलने पर उन्हें भी अपनी जमीन छोड़नी पड़ी थी, इसलिए वे नियमों में बदलाव नहीं कर सकतीं।
कुल मिलकर राजस्थान भाजपा में एक बार फिर बयान वार शुरू हो गया है और इस बार भी हमले के केंद्र में वसुंधरा राजे हैं। यह बयानी जंग उस वक्त शुरू हुई है जब राज्य में नेतृत्व, संगठन और राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर चर्चाएं तेज हैं। इतना ही नहीं विधानसभा उप चुनाव से अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाई भाजपा सरकार-संगठन पर आरोप है कि पंचायत और निकाय चुनाव से बचने के रास्ते तलाशे जा रहे हैं। ऐसे में यह संदेश साफ जाता है कि राजस्थान भाजपा में फिलहाल सब कुछ ठीक नहीं है।

