Movie prime

रवीन्द्रसिंह भाटी ने कहा, राशन के गेहूं से कैंसर होता है! गोदारा बोले, कहां से लाए हो रिसर्च, मेरे फादर कैंसर स्पेशलिस्ट!!

 

RNE Rajasthan Vidhansabha Jaipur.
 

राजस्थान विधानसभा में गुरुवार को तेज तर्रार विधायक रवीन्द्रसिंह भाटी और युवा खाद्य मंत्री सुमित गोदारा के बीच सवाल-जवाब ने विधायकों सहित प्रदेशभर के लोगों का ध्यान खींचा। गोदारा ने भाटी के सवाल पर दिए गए अपने जवाबों की श्रृंखला से भजनलाल सरकार की उस छवि को तोड़ने की कोशिश की जिसमें कहा जाता है कि वर्तमान सरकार के मंत्री विपक्षी हमलों का सामना नहीं कर पाते। दूसरे शब्दों में कहे तो गोदारा ने भाटी के सवालों पर सटीक जवाबों के साथ ही व्यंग्यात्मक टिप्पणी कर उन्हें न केवल बैकफुट पर जाने को विवश किया वरन निरुत्तर भी कर दिया।

विडियो देखने के लिए फोटो पर क्लिक करें :


 

दरअसल रवीन्द्रसिंह भाटी ने राजस्थान में खाद्य योजना से लाभ ले रहे गरीब परिवारों से जुड़ा सवाल उठाया। सवाल यह था कि सरकार की ओर से चलाए गए गिव अप अभियान मंे लोगों का नाम स्वैच्छा से हटाया गया है या जबरदस्ती हटाया। इतना ही नहीं भाटी ने सवाल किया जो लोग अपात्र होते हुए राशन सामग्री ले रहे थे उनके खिलाफ क्या कार्रवाई करेंगे!
 

हालांकि यह सीधे तौर पर मंत्री को घेरने का बड़ा मुद्दा था लेकिन इससे भी आगे बढ़ते भाटी ने सप्लीमेंट्री सवाल में गेहूं की क्वालिटी और क्वांटिटी से जुड़ी बात कह दी। कहा, राशन से दिए जाने वाले गेहूं को लेकर यह धारणा बन रही है कि इससे कैंसर जैसी बीमारी होती है।

गोदारा ने इस पर तंज कसा, कहां से लाए हो ये रिसर्च। मेरे फादर कैंसर स्पेशलिस्ट है। आज तक किसी ने नहीं कहा कि गेहूं से कैंसर होता है। इससे पहले गोदारा ने पहले सवाल के जवाब में आंकड़ों के जरिये अपनी बात कहते हुएं भाटी के शिव विधानसभा और बाड़मेर जिले सहित पूरे राजस्थान में पात्र लोगों को सरकार की ओर से जोड़ने की बात कही। कहा, पिछली सरकार के पांच साल में एक भी पात्र व्यक्ति को राशन देने के लिए नहीं जोड़ा गया। भजनलाल सरकार ने लाखों नए पात्र और वंचित लोगों को खाद्य सुरक्षा से जोड़ा। गोदारा ने कहा, हमने किसी को जबरदस्ती नहीं हटाया। गिवअप अभियान राजस्थान का भारत में दूसरा अभियान है जो मॉडल के रूप में गया है। राजस्थान में 54 लाख 49 हजार 758 लोगो ने स्वैच्छा से अपने नाम गिव अप के माध्यम से हटाया।
 

बाड़मेर जिले से एक लाख 56 हजार 654 लोगों द्वारा स्वैच्छा से गिवअप किया गया। इसकी एवज में 03 लाख 08 हजार 429 नए नाम जोड़े गये। मतलब यह कि जितने नाम हटे उससे लगभग डबल जोड़े गये। 
शिव विधानसभा से 43042 लोगों ने गिवअप अभियान में नाम हटवाए। इसकी एवज में 82300 नए लाभार्थी जुड़े। भजनलाल सरकार पहली सरकार है जो यह ध्येय लेकर चली है कि रास्जान में कोई गरीब, पात्र व्यक्ति खाद्य सुरक्षा से वंचित नहीं हरे। अभी भी पोर्टल चालू है और 11 लाख रिक्त स्थान है पोर्टल चालू है। कोई पात्र है तो नाम जुड़वा सकता है।

FROM AROUND THE WEB