Ritu Brala Case : जीरो FIR से पुलिस कमिश्नर का इनकार, दो रात गुजारकर FIR करवाए बिना लौटे कांग्रेस नेता, अब कोर्ट जाएंगे
Rudra News Express Jaipur.
दिल्ली में NSUI की राष्ट्रीय सचिव रितु बराला से पुलिस की मारपीट के खिलाफ जयपुर में जीरो नंबर FIR करवाने 03 दिन से जयपुर कमिश्नरेट में बैठे कांग्रेस नेताओं का धरना आज बगैर FIR करवाए समाप्त हो गया। जयपुर पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा समेत प्रतिनिधिमंडल से साफ कह दिया कि यहां जीरो नंबरी एफआईआर दर्ज नहीं होगी।
कमिश्नर मित्तल ने कहा, इस घटना पर पर एक बार दिल्ली में परिवाद दर्ज हो चुका है। ऐसे में अब बीएनएस की धारा 173 (1) के तहत जीरो एफआईआर दर्ज नहीं की जा सकती। हालांकि कांग्रेस इस जवाब से संतुष्ट नहीं हुई लेकिन डोटासरा ने कहा कि परिवाद दर्ज होने के बाद भी जीरो एफआईआर दर्ज करवाई जा सकती है। कांग्रेस पार्टी अब कोर्ट जाएगी। यदि मामले में पुलिस अधिकारियों को दोषी पाया जाता है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई करेगी।
दिल्ली में FIR करवा चुकी बराला, अब जयपुर में दुबारा नहीं हो सकती :
पत्रकारों से बातचीत में जयपुर पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने कहा कि 19 अक्टूबर को रितु बराला मोती डूंगरी थाने पर आई थी। उनकी शिकायत को दिल्ली के कनॉट प्लेस थाने में भेजा। दिल्ली से जवाब आया है कि 13 अक्टूबर को ही रितु बराला की ओर से इस मामले में FIR दर्ज करा दी गई थी। ऐसे में वहां मामला दर्ज है तो यहां जीरो नंबरी एफआईआर दर्ज नहीं हो सकती। कमिश्नर मित्तल ने कहा, कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने ये बात लिखित में देने को कहा, तो लिखकर भी दे दी।
दो रात पुलिस कमिश्नरेट में सोयी राजस्थान कांग्रेस :
राजस्थान में पिछले दो दिनों से कांग्रेस नेताओं के रात के वक्त का एक फोटो वायरल हो रहे थे। जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के हॉल में पुरुष जमीन पर गद्दे बिछाकर सोये वहीं दूसरी तरफ कुछ इसी तरह महिलाएं जैसे-तैसे सोने की जगह बनाकर रात काटती नजर आई। इनमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा, पूर्व मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास सहित कई नेता और महिला नेत्रियां भी शामिल रहे। ये FIR करने की मांग लेकर पहुंचे थे। पुलिस ने FIR नहीं की तो वही बैठ गए। रात गहराई तो यहीं सो गए। सुबह का चाय, नाश्ता भी यहीं हुआ। डोटासरा अपनी कार में शेव बनाते नजर आए। महिलों ने भी दांतुन-कंघी सब यही किया।
जानिए मामला क्या है :
इस पड़ाव की कहानी शुरू होती है 13 अक्टूबर को दिल्ली से। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर NSUI के प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय सचिव रितु बराला और पुलिसकर्मियों के बीच विवाद हुआ।
रितु बराला और उनके साथियों को पुलिस ने बस में बैठाया। इसके बाद बस में महिला पुलिसकर्मी और उनके बीच मारपीट की वीडियो देशभर में वायरल हुआ। रितु का आरोप है कि कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन में भी उनके साथ मारपीट हुई। बाल खींचे, थप्पड़ मारे, अभद्र टिप्पणियां की। प्राइवेट पार्ट्स पर भी चोट पहुंचाई। शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।
14 अक्टूबर को राहुल गांधी के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में रितु ने अपनी आपबीती सुनाई थी। उस दौरान राहुल गांधी ने उन्हें 'शेरनी' कहकर संबोधित किया था। रितु ने यहाँ राहुल गांधी की मौजूदगी में कहा, डर नहीं लगता। उन्होंने पूरे घटनाक्रम पर अपना पक्ष रखा।
कहानी का जयपुर कनेक्ट मोड़ :
इस पूरे घटनाक्रम में जयपुर कनेक्ट तब हुआ जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा को फोन किया। राहुल गांधी ने रितु सहित कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में फोन कर डोटासरा से बात की। इस बातचीत का वीडियो भी वायरल हुआ। राहुल ने कहा, इस मामले में जयपुर में FIR दर्ज करवाओ।
यहाँ बताते चलें कि ऋतु बराला राजस्थान के झुंझुनूं की रहने वाली हैं और NSUI यानी भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन की राष्ट्रीय सचिव हैं। वे राजस्थान विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति में सक्रिय हैं और फिलहाल जयपुर में रहती हैं।
राजस्थान कांग्रेस थाने में :
राहुल गांधी के फोन के बाद राजस्थान कांग्रेस एक्शन मोड में आ गई।। रितु बराला सोमवार को कांग्रेस नेताओं और कानूनी टीम के साथ जयपुर के मोतीडूंगरी थाने पहुंचीं। शिकायत दी गई, लेकिन वहां FIR दर्ज नहीं हुई। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सोमवार शाम करीब 6 बजकर 15 मिनट पर कमिश्नरेट पहुंचे। उनके साथ पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास, विधायक रफीक खान और जयपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा सहित अन्य नेता भी थे।
सड़क पर संघर्ष :
दूसरी ओर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी मोर्चा संभाला। कमिश्नरेट के बाहर वे कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ बैठ गये। लगातार भीड़ बढ़ती गई। नारे लगे- 'FIR दर्ज करो', 'राजस्थान की बेटी को न्याय दो!' बैरिकेडिंग से कार्यकर्ताओं को दूर करने के दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हल्की झड़प भी हुई। गवर्नमेंट हॉस्टल चौराहे और एमआई रोड की तरफ यातायात भी प्रभावित हुआ। इन सबके बावजूद आज बगेरी FIR आंदोलन के एक चरण का पटाक्षेप हो गया। बकौल गोविंद डोटासरा, अब कांग्रेस इस मुद्दे पर कोर्ट में लड़ेगी।

