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जल्द ही मंत्रिमंडल के खाली पद भरे जाने की सुगबुगाहट, नॉन परफोर्मिंग मंत्री हटाये भी जा सकते है

सीएम व पार्टी स्तर पर मशक्कत पूरी होने की सूचना
दावेदार विधायकों की लॉबिंग शुरू हुई
 

मधु आचार्य ' आशावादी '
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RNE Special.
 

पश्चिम बंगाल व असम के चुनाव जीतकर भाजपा ने एक बार फिर से भगवा परचम फहरा दिया है। भाजपा इस बार केरलम विधानसभा चुनाव के परिणामों से भी बेहद उत्साहित है। पहले स्थानीय निकाय चुनाव में भाजपा ने तिरुअनंतपुरम में भाजपा का मेयर बना दक्षिण के इस राज्य में मजबूत एंट्री की। इस बार तिरुअनंतपुरम में ही 3  विधानसभा सीटें जीतकर केरल में भी पांव रोपे है। पहली बार भाजपा के 3  विधायक सदन में पहुंचे है।
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पहले बिहार व फिर श्यामा प्रसाद मुखर्जी की भूमि बंगाल में भाजपा ने आजादी के बाद पहली बार सरकार बनाई है। दिवंगत भाजपा नेता अटल बिहारी वाजपेयी के सपने को पूरा किया है। असम में इस बार भाजपा ने दो तिहाई बहुमत हासिल किया है।

इन बड़ी सफलताओं के बाद भाजपा ने अब उन राज्यों की तरफ रुख किया है, जहां पहले से ही भाजपा सरकारें है मगर हर पांच साल बाद वहां सरकार बदलने की भी परंपरा है। हरियाणा में यह परंपरा तोड़ने के बाद अब भाजपा ने राजस्थान की तरफ रुख किया और यह लक्ष्य रखा है कि भाजपा सरकार को रिपीट करवाना है।
राजस्थान को लेकर अब विशेष वर्किंग की खबरें है। राजस्थान में अर्से से बारबार चुनाव में सरकार बदलने की परंपरा कायम है। इस बार भाजपा इस परंपरा को तोड़ने की कोशिश करेगी और उसके लिए अभी से वर्किंग शुरू भी हुई है।

15 जून को ढाई साल होंगे:

राज्य की भजनलाल सरकार ने दिसम्बर 2023 को शपथ ली थी। 15 जून 2026 को सरकार बने ढाई साल हो जाएंगे। राज्य विधानसभा में 200 सदस्य है और उस लिहाज से मुख्यमंत्री सहित कुल 30 मंत्री बन सकते है। 

सरकार ने जब शपथ ली तब 25 मंत्रियों ने शपथ ली थी। सुरेंद्र पाल सिंह टीटी भी मंत्री बने थे जो उस समय विधायक नहीं थे। श्रीकरणपुर सीट पर चुनाव प्रत्याशी गुरमीत कुन्नर के निधन के कारण स्थगित हो गया था। टीटी इसी क्षेत्र से थे। उन्होंने मंत्री रहते हुए चुनाव लड़ा मगर गुरमीत कुन्नर के पुत्र रूबी से चुनाव हार गए। तब मंत्रिमंडल में केवल 24 मंत्री रह गए और 6 पद खाली हो गए। ढाई साल होने को आये है मगर वो 6 पद रिक्त ही चल रहे है।

मंत्री पद भरे जाने की सुगबुगाहट:

यूं तो अब तक कई बार मंत्रिमंडल के रिक्त 6 पद भरने की खबरें आती रही। कोशिश शुरू होती। सीएम की केंद्रीय नेतृत्त्व से बात भी होती। विधायक मंत्री पद तक पहुंचने के लिए लॉबिंग भी करते और फिर कुछ न होते देख थक जाते।

 

इस बार सुगबुगाहट है कि 15 जून से पहले मंत्रिमंडल के खाली 6 पदों को भरा जायेगा। जिसके लिए सीएम व पार्टी ने मशक्कत पूरी कर ली है। 6 नये लोगों को मंत्री बनाया जाना है, जिसमें राजे गुट का ध्यान रखा जायेगा। दावेदार विधायकों की लॉबिंग एक बार फिर तेजी से शुरू हो गयी है। जयपुर से दिल्ली तक की दौड़ चल रही है।

इन नामों को लेकर चर्चा:

भाजपा में कालीचरण सर्राफ वैश्य समाज के बड़े नेता है और वरिष्ठ विधायक है। उनके नाम की चर्चा है। इसी तरह चितौड़गढ़ से सांसद व पूर्व में राज्य में स्वायत्त शासन मंत्री रहे श्रीचंद कृपलानी, पुष्पेंद्र सिंह राणावत, कुलदीप धनकड़, खंडार के विधायक जितेंद्र गोठवाल आदि के नाम सियासी गलियारों की चर्चा में है। वास्तव में कौन मंत्री बनेंगे, यह सीएम भजनलाल शर्मा और पार्टी नेतृत्त्व के अलावा किसी को पता नहीं है।

राजनीतिक गलियारे में चर्चा इस बात की भी है कि नॉन परफोर्मिंग मंत्रियों को हटाया भी जाएगा। रिक्त चल रहे व रिक्त होने वाले मंत्री पदों की जगह जातिगत समीकरण साधते हुए मंत्री बनाये जाएंगे। लक्ष्य अगला विधानसभा चुनाव होगा। सीएम ने नॉन परफोर्मिंग मंत्रियों पर भी वर्किंग की हुई है। इसी तरह कुछ मंत्रियों के विभागों में भी फेरबदल संभावित है।

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