भाजपा ने फिर टिकट चयन में जातीय समीकरण का ध्यान रखा
Jun 5, 2026, 09:57 IST
RNE Network.
भाजपा ने आखिरकार राजस्थान से केंद्रीय रेल राज्य मंत्री बिट्यू को टिकट नहीं दिया। वे राजस्थान से ही इस समय राज्यसभा में थे। कयास ये था कि उनको यहां से उतारा जाना तय है, मगर ऐसा नहीं हुआ। उनका टिकट कट गया।
भाजपा को राजस्थान से दो सीट मिलनी है। उनके 2 ही सदस्यों का कार्यकाल पूरा हुआ है। केंद्रीय मंत्री बिट्यू व राजेन्द्र गहलोत का कार्यकाल समाप्त हुआ। भाजपा ने बाहर से उम्मीदवार उतारने के स्थान पर इसी राज्य से उम्मीदवार बनाना तय किया। उस कड़ी में ही सतीश पूनिया व अलका गुर्जर को उम्मीदवार बनाया गया है।
पूनिया व गुर्जर के चयन की वजह:
- अलका गुर्जर व सतीश पूनिया के चयन की पहली बड़ी वजह उनका ओबीसी वर्ग से होना है। राहुल गांधी ओबीसी के हक की बात कर रहे हैं तो भाजपा उससे दबाव में है। एक बड़ी वजह यही है।
- राजस्थान की दो बड़ी जातियां जाट व गुर्जर लोकसभा चुनाव के समय से भाजपा से कटी हुई है। इन दोनों उम्मीदवारों के जरिये उनको जोड़ने का प्रयास है।
- पूनिया ने हरियाणा में प्रभारी के रूप में अच्छा काम किया और पार्टी को जीत दिलाई। अलका गुर्जर ने दिल्ली में पार्टी के लिए काम किया। दोनों को उसका भी प्रतिफल मिला है।

