केन्द्रीय मंत्री अर्जुनराम की राजस्थान के दो विधायकों से दिल्ली में मीटिंग, कथित सामाजिक विवादों से जुड़े हैं विधायकों के इलाके
Updated: Apr 1, 2026, 17:23 IST
RNE Jaipur-New Delhi.
राजस्थान की राजनीति में दो मुद्दे काफी गरमाए हुए हैं। एक वायरल ऑडियो-वीडियो जो कथित रूप से पूर्वमंत्री गोविंदराम मेघवाल का होना बताया जा रहा है। दूसरा बाड़मेर जिले में एक ‘धमकी बनाम सोशल मीडिया कमेंट’ का मसला। इसमें भी एक विधायक का सीधा जुड़ाव है। दोनों ही मसले सामाजिक समरसता पर सवाल खड़े करने के साथ ही राजनीतिक रंग ले रहे हैं। ऐसे में इनकी गूंज दिल्ली तक सुनाई दे रही है। यही वजह है कि दिल्ली में केन्द्रीय मंत्री और बीकानेर के सांसद अर्जुनराम मेघवाल की राजस्थान के दो विधायकों से ‘खास मीटिंग’ पर सियासत के जानकार कई अटकलें लगा रहे हैं।

दरअसल बीकानेर में एक वायरल वीडियो में कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी के लिए अपशब्द सुनाई दे रहे हैं। इसे पूर्वमंत्री गोविंराम का वीडियो बताते हुए आक्रोशित लोग सड़क पर उतर आए हैं। हैरानी की बात यह है कि गोविंदराम ने इसमें साजिश होने का आरोप लगाया है और साजिश के तार केन्द्रीय मंत्री अर्जुनराम के पुत्र रविशेखर मेघवाल से जुड़े होने की बात कही है। रविशेखर मेघवाल इस पर अपना जवाब भी दे चुके हैं।
इस बीच हर विवादित मसले पर हमेशा की तरह अर्जुनराम मेघवाल ने चुप्पी साध रखी है लेकिन दिल्ली में उन्होंने अपने निवास पर राजस्थान के दो विधायकों से मीटिंग की। इनमें एक विधायक है बीकानेर जिले के खाजूवाला विधानसभा क्षेत्र से डा.विश्वनाथ मेघवाल।
डा.विश्वनाथ मेघवाल खाजूवाला से विधायक है और गोविंदराम को हराकर विधायक बने हैं। पूरा विवादित मामला उनके विधानसभा क्षेत्र का ही है। केन्द्रीय मंत्री अर्जुनराम खुद दलित समाज से सांसद है। ऐसे मंे इस घटनाक्रम पर विश्वनाथ-अर्जुनराम की मुलाकात काफी मायने रखती है।

यहां उल्लेखनीय बात यह है कि अर्जुनराम ने इस मुलाकात को छिपा कर भी नहीं रखा। खुद सोशल मीडिया पर फोटो शेयर की। इसके साथ ही सियासी अंदाज में इस मुलाकात का विषय भी बताया। मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने लिखा कि इस मुलाकात में ‘राजस्थान के सम-सामयिक सामाजिक एवं राजनीतिक विषय’ पर संवाद हुआ।
यहां सम-सामयिक सामाजिक राजनीतिक विषय का खुलासा करने से पहले यह बता दें कि इस मीटिंग में शामिल दूसरे विधायक है सिवाना से हमीरसिंह भायल। हमीरसिंह भायल बाड़मेर जिले से हैं और बाड़मेर जिले के शिव विधायक रवीन्द्रसिंह भाटी और गायक छोटूसिंह रावणा के बीच विवाद खुलकर सड़क पर आया हुआ है। यह मसला भी ‘सम-सामयिक सामाजिक-राजनीतिक’ हैं।
ऐसे में प्रदेश में इस वक्त के दो सबसे हॉट टॉपिक पर उन्हीं संबंधित जिलों के संबंधित समाज वाले व्यक्तियों से हुई ‘सम सामयिक सामाजिक-राजनीतिक’ बात का अनुमान आसानी से लगाया जा सकता है।
यहां सवाल यह उठ रहा है कि केन्द्रीय मंत्री अर्जुनराम के लिए यह महज अनौपचारिक या जानकारी लेने-देने की मीटिंग है या केन्द्रीय नेतृत्व की तरफ से उन्हें इस बारे में कोई रिपोर्ट लेने का निर्देश दिया गया है। सवाल उठने की वजह साफ है कि ये ऐसे मुद्दे हैं जो आसन्न पंचायत चुनाव में काफी गरमी पैदा कर सकते हैं। ऐसे में भाजपा इसमें अपने राजनीतिक लाभ की संभावनाएं भी तलाश सकती है।
हालांकि मंत्री मेघवाल ने मीटिंग के बाद का जो फोटो शेयर किया है उसमें राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी भी नजर या रहे हैं लेकिन बताया जाता है देवनानी इस मीटिंग का हिस्सा नहीं थे। दरअसल देवनानी ने दिल्ली में की केन्द्रीय मंत्रियों से मुलाकात की और उन्हें विधानसभा अध्यक्ष के तौर पर उन्हें दैनंदिनी भेंट की। "संसदीय संस्कृति का उत्कर्ष-नवाचरों के दो वर्ष" पुस्तक उन्होंने मेघवाल के साथ ही केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत, संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया आदि को भेंट की। इसके साथ ही अपनी खुद की लिखी किताब "सनातन संस्कृति की अटल दृष्टि" भी भेंट की। देवनानी ने इन मंत्रियों के सामने राजस्थान और खासतौर पर अपने निर्वाचन क्षेत्र से जुड़े विकास के मसलों पर भी बात की।

