केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन ने इस्तीफा दिया, पीएम की सिफारिश पर राष्ट्रपति ने इस्तीफा मंजूर किया
राज्यसभा कार्यकाल खत्म होने के बाद जॉर्ज कुरियन ने छोड़ा पद!
RNE New Delhi.
केंद्र सरकार में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय और मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय में राज्य मंत्री रहे जॉर्ज कुरियन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है।

राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा स्वीकार किया गया है। कुरियन जून 2024 में मोदी सरकार 3.0 के गठन के दौरान केंद्रीय मंत्रिपरिषद में शामिल किए गए थे।
राज्यसभा कार्यकाल खत्म, दोबारा नहीं मिला मौका :
जॉर्ज कुरियन का राज्यसभा कार्यकाल इसी महीने समाप्त हो गया। भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें इस बार राज्यसभा के लिए दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया, जिसके बाद उनके मंत्री पद छोड़ने की अटकलें तेज हो गई थीं। राज्यसभा सदस्यता समाप्त होने के बाद उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।
केरल में भाजपा का प्रमुख चेहरा :
65 वर्षीय जॉर्ज कुरियन केरल के कोट्टायम से आते हैं और पेशे से वकील हैं। वे भाजपा के गठन वर्ष 1980 से ही पार्टी से जुड़े रहे हैं। उन्होंने प्रदेश महासचिव, भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय सचिव और भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सहित कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं।
कुरियन टीवी बहसों में भाजपा के प्रमुख प्रवक्ता के रूप में भी पहचान रखते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के केरल दौरों के दौरान उनके भाषणों का मलयालम में अनुवाद करते हुए भी वे अक्सर नजर आते रहे हैं।

ईसाई समुदाय तक पहुंच का चेहरा :
2024 में उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने को भाजपा की केरल और ईसाई समुदाय में राजनीतिक पहुंच मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा माना गया था। जॉर्ज कुरियन सिरो-मालाबार कैथोलिक चर्च से जुड़े रहे हैं और केरल में पार्टी के प्रमुख ईसाई चेहरों में गिने जाते हैं।
भाजपा ने नए चेहरों पर जताया भरोसा :
कुरियन मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद थे। इस बार भाजपा ने राज्यसभा के लिए तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल को उम्मीदवार बनाया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि केरल में हालिया चुनावी प्रदर्शन और संगठनात्मक समीकरणों के चलते पार्टी ने नए चेहरों को प्राथमिकता दी है।

