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Parliament के मानसून सत्र से पहले ऑल पार्टी मीटिंग में हंगामा : महुआ मोइत्रा बोलीं- नियमों से नहीं, राजनीतिक चालबाजी से चल रही है संसद

 

Rudra News Express New Delhi. 

संसद के मानसून सत्र से पहले बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में टीएमसी के 20 बागी सांसदों को आमंत्रित किए जाने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), समाजवादी पार्टी, डीएमके, झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम), आम आदमी पार्टी (आप), नेशनल कॉन्फ्रेंस, वाम दलों और शिवसेना (यूबीटी) समेत विपक्षी दलों ने विरोध जताते हुए बैठक से सांकेतिक वॉकआउट किया। हालांकि, विरोध दर्ज कराने के बाद विपक्षी दल दोबारा बैठक में शामिल हो गए।

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और संसदीय कार्य मंत्री पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिन 20 बागी सांसदों की अयोग्यता (डिस्क्वालिफिकेशन) संबंधी याचिकाएं अभी भी लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष लंबित हैं, उन्हें आखिर किस आधार पर सर्वदलीय बैठक में आमंत्रित किया गया।

महुआ मोइत्रा ने कहा कि इन सांसदों के विलय को अभी तक स्पीकर की मंजूरी नहीं मिली है, फिर भी टीएमसी की संख्या 28 दिखाई जा रही है। उन्होंने दावा किया कि 91वें संविधान संशोधन के बाद अलग संसदीय ब्लॉक बनाने की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में इन सांसदों को अलग पहचान देकर बैठक में शामिल करना संसदीय परंपराओं और नियमों के विपरीत है।

उन्होंने कहा कि विपक्ष ने इसी मुद्दे पर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया और बैठक से वॉकआउट किया। महुआ मोइत्रा ने कहा, "संसद की कार्यवाही में नियमों और प्रक्रियाओं का सम्मान होना चाहिए, न कि राजनीतिक चालबाजी का।"

विपक्ष का आरोप है कि जब तक स्पीकर अयोग्यता याचिकाओं और कथित विलय पर अंतिम निर्णय नहीं लेते, तब तक इन सांसदों को अलग समूह के रूप में मान्यता देना उचित नहीं है।

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