New IMT : हरियाणा में नई आईएमटी बनने का रास्ता हुआ साफ, किसानों को प्रति एकड़ मिलेगा 1.55 करोड़ रुपये मुआवजा
मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में हुई बैठक में किसान नई आईएमटी के लिए जमीन देने के लिए हुए तैयार
हरियाणा के नई आईएमटी बनने का रास्ता साफ हो गया है। जहां पर नई आईएमटी बनाने के लिए जमीन देने के लिए किसानों के साथ सरकार की सहमति बन गई है। किसानों से सहमति बनते ही सरकार की तरफ से तेजी से काम शुरू कर दिया है। इसके लएि सरकार की तरफ से एक हजार एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। यह आईएमटी अंबाला शहर में विकसित की जाएगी।
सीएम नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में चंडीगढ़ में हुई बैठक में अंबाला के किसानों से सहमति बन गई है। अब जमीनी स्तर पर काम तेजी से शुरू होगा। किसानों को जमीन अधिग्रहण के बदले प्रति एकड़ 1.55 करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाएगा। अब जल्द ही जमीनों की रजिस्ट्रियों की प्रक्रिया को शुरू कर दिया जाएगा। यह प्रोजेक्ट करीब 12 साल से अधर में लटका था। हालांकि चुनावी सीजन में यह मुद्दा उछला तो जरूर लेकिन सिरे नहीं चढ़ पाया। यह प्रोजेक्ट रोजगार के नए रास्ते खोलेगा।
आइएमटी को लेकर तमाम दावे किए जाते रहे हैं। हालांकि अभी यह सभी बातें जमीनी स्तर पर नहीं उतरी थी, लेकिन अब इसका रास्ता साफ हो गया है। शुरुआती चरण में एक हजार एकड़ में आइएमटी को विकसित किया जाएगा। इसके बाद धीरे-धीरे इसे आगे बढ़ाया जा सकेगा।
यह आइएमटी लगने के बाद जहां औद्योगिक क्षेत्र में अंबाला को नई पहचान मिलेगी, वहीं अंबाला में निवेश भी बड़े पैमाने पर होगा। इससे क्षेत्र के युवाओं के रोजगार भी मिलेगा, जबकि रोजगार की तलाश में उनको अन्य जिलों अथवा राज्यों की ओर नहीं जाना पड़ेगा। अंबाला के लिए यह एक तरह से लाइफलाइन मानी जा रही है।
विवादों में रहा प्रोजेक्ट
करीब 12 साल पहले कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे विनोद शर्मा ने आइएमटी के प्रोजेक्ट को शुरू किया था। उस दौरान कांग्रेस दो धड़ों में बंटी थी। एक गुट ने इस आइएमटी का विरोध कर दिया था। इनका कहना था कि किसानों की खेतीबाड़ी की जमीन पर यह नहीं लगनी चाहिए। विपक्ष ने भी इसका विरोध किया था। इसी विरोध के चलते पंजोखरा साहिब गांव में नेताओं ने धरने तक दिए। बाद में यह प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया था। बाद में चुनावी सीजन के दौरान फिर यह मुद्दा उठा।
जमीन अधिग्रहण का कार्य जल्द
अब जल्द ही जमीनों का अधिग्रहण शुरू होगा। माना जा रहा है कि इसके लिए तमाम प्रक्रियाओं को शुरू किया जाएगा। कागजी कार्रवाई के साथ ही किसानों को उनकी जमीन के अनुसार मुआवजा भी दिया जाएगा। जिस तरह से किसानों वसरकार के बीच सहमति बनी है, उसे साफ है कि यह प्रोजेक्ट जल्द ही जमीन पर उतरेगा और इस पर तेजी से काम होगा। पूर्व राज्य मंत्री असीम गोयल ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने जिस तरह से आइएमटी को लेकर रास्ता साफ किया है, वह क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।

