Mhari Yojana : हरियाणा के इन पूर्व सैनिकों को मिलेंगे एक-एक लाख रुपये, म्हारी योजना के तहत सरकार ने की घोषणा
हरियाणा में पूर्व सैनिकों के लिए सरकार की तरफ से अहम योजना की घोषणा की है। पूर्व सैनिकों को सरकार की तरफ से एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता की जाएगी। हालांकि इस योजना का लाभ केवल दिव्यांग पूर्व सैनिकों को मिलने वाला है, ताकि पूर्व सैनिक इस राशि के माध्यम से आधुनिक उपकरण खरीद सके।
सरकार की तरफ से यह राशि पूर्व सैनिकों को एकमुश्त दी जाएगी और राशि जारी होने के बाद दो माह तक पूर्व सैनिकों को आधुनिक उपरकण खरीदने से संबंधित दस्तावेज सरकार के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। हरियाणा सरकार म्हारी योजना के तहत पूर्व सैनिकों को लाभ दिया जाएगा। दिव्यांग पूर्व सैनिकों को गतिशीलता उपकरण (मोबिलिटी इक्विपमेंट) खरीदने के लिए एक लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
इन पूर्व सैनिकों को मिलेगा लाभ
योजना का उद्देश्य ऐसे पूर्व सैनिकों की सहायता करना है, जो सेवा के दौरान या सेवानिवृत्ति के बाद अगर पूर्व सैनिक बीमारी, दुर्घटना या अन्य किसी कारण से 50 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग हो गया तो वह इस योजना के पात्र होगा।
योजना के अनुसार पात्र पूर्व सैनिकों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप गतिशीलता उपकरण खरीदने के लिए 100 प्रतिशत अग्रिम वित्तीय सहायता दी जाएगी। सहायता राशि सीधे लाभार्थी को प्रदान की जाएगी और उपकरण खरीदने के बाद 60 दिनों के भीतर खरीद संबंधी प्रमाण प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
योजना के तहत स्वीकृत अधिकतम सहायता राशि एक लाख रुपये निर्धारित की गई है। वहीं, किसी लाभार्थी द्वारा एक बार सहायता प्राप्त करने के बाद अगले 10 वर्षों तक उसी योजना के अंतर्गत दोबारा आवेदन नहीं किया जा सकेगा।
ऑनलाइन रहेगी आवेदन प्रक्रिया
योजना का लाभ केवल उन पूर्व सैनिकों को मिलेगा जो जेसीओ अथवा उससे निम्न रैंक से सेवानिवृत्त हुए हों और जिनकी दिव्यांगता 50 प्रतिशत या उससे अधिक हो। साथ ही उनका आवेदन जिला सैनिक बोर्ड तथा राज्य सैनिक बोर्ड द्वारा अनुशंसित होना चाहिए।
आवेदक को गतिशीलता उपकरण का उपयोग करने में सक्षम होना चाहिए तथा जहां आवश्यक हो, उसके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस भी होना चाहिए। इसके अलावा लाभार्थी का सक्रिय बैंक खाता होना अनिवार्य है। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है।
पात्र पूर्व सैनिकों को केएसबी की वेबसाइट पर जाकर आवेदन पत्र भरना होगा। आवेदन जमा होने के बाद सिस्टम द्वारा एक यूनिक आवेदन संख्या जारी की जाएगी, जिसे भविष्य के संदर्भ के लिए सुरक्षित रखना होगा।
ये दस्तावेज जरूरी
सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण बोर्ड के वेलफेयर ऑर्गेनाइजर महेंद्र सिंह ने बताया कि आवेदन के साथ पीपीओ, सेवा विवरण पुस्तिका या डिस्चार्ज बुक, ईएसएम पहचान पत्र, दिव्यांगता से संबंधित दस्तावेज, सक्षम चिकित्सा प्राधिकरण द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाण पत्र,
गतिशीलता उपकरण के लिए अधिकृत विक्रेता का वित्तीय अनुमान, वैध ड्राइविंग लाइसेंस (जहां लागू हो), बैंक खाते का विवरण तथा आधार कार्ड की प्रति अपलोड करनी होगी। यदि आवेदक वीरता पुरस्कार प्राप्त पूर्व सैनिक हैं तो संबंधित प्रमाण पत्र और अधिसूचना की प्रति भी संलग्न करनी होगी।
केएसबी सचिवालय द्वारा आवेदन और दस्तावेजों की जांच के बाद पात्र आवेदकों के मामलों को स्वीकृति के लिए आगे भेजा जाएगा। स्वीकृति मिलने के उपरांत निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार वित्तीय सहायता जारी की जाएगी।

