New Rail Line : हरियाणा के नई रेल लाइन के लिए होगा फाइनल लोकेशन सर्वे, मिली मंजूरी
अम्बाला चंडीगढ़ रेलमार्ग पर सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए होली पर एक बड़ी खुशखबरी है। अम्बाला -चंडीगढ़ रेलमार्ग पर तीसरी और चौथी रेल लाइन निर्माण के लिए रेलवे ने फाइनल लोकेशन सर्वे (एफए लएस) को हरी झंडी दे दी है। नई लाइन बिछाने के लिए अब जल्द सर्वे का कार्य प्रारंभ होगा।
इस स्वीकृति के लिए उन्होंने रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव का धन्यवाद जताते हुए बताया कि उन्हें पत्र के माध्यम से रेल मंत्री द्वारा फाइनल लोकेशन सर्वे स्वीकृत मिलने की जानकारी मिली है। विज ने अम्बाला -चंडीगढ़ के मध्य बढ़ती यात्री संख्या के मद्देनजर रेलमंत्री के समक्ष इस मांग को उठाया था जिसके बाद रेलमंत्री की ओर से इस मामले में सकारात्मक कार्रवाई करते हुए स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। सर्वे के उपरांत आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
कई राज्यों के यात्रियों को मिलेगा लाभ
अम्बाला-चंडीगढ़ रेलमार्ग पर तीसरी और चौथी रेल लाइन - की सख्त आवश्यकता है। क्योंकि इस समय दो रेल लाइन ही इस व्यस्तम रेलमार्ग पर है। अम्बाला-चंडीगढ़ रेलमार्ग से - हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश व चंडीगढ़ के लाखों यात्री प्रतिदिन सफर करते हैं। जिस कारण इस रेलमार्ग पर परिचालित ट्रेनों में यात्रियों का
दबाव बढ़ जाता है।
इसके अलावा अम्बाला छावनी प्रमुख सैन्य और औद्योगिक केंद्र है, जबकि राज्य की राजधानी चंडीगढ़ के मध्य प्रतिदिन हजारों यात्रियों का आना-जाना लगा रहता है। इस दोनों शहरों के मध्य कनेक्टिविटी बेहतर होने से आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा व लोगों का जीवन आसान होगा।
डेराबस्सी से जीरकपुर बाईपास तक हाइवे
छावनी से चंडीगढ़ मार्ग पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में कर्मचारी वर्ग, विद्यार्थी, व्यापारी व श्रमिक आवागमन करते हैं। वर्तमान में बस सेवाओं और निजी वाहनों पर निर्भरता अधिक है, इससे समय - और खर्च दोनों बढ़ जाते हैं। इस नई रेल लाइन के शुरू होने से न केवल यात्रियों को किफायती, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा सुविधा मिलेगी, बल्कि सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव भी घटेगा।
अम्बाला से चंडीमंदिर, कालका-शिमला का सफर अब पहले से आसान होगा। डेराबस्सी से जीरकपुर बाईपास की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए 10 किमी लम्बा एलीवेटिड रोड बनाया जाएगा। ताकि अम्बाला से आने वाले वाहनों को जीरकपुर बाईपास पर जोड़ा सके और जीरकपुर बाईपास से वह सीधे चंडीमंदिर, कालका व शिमला के लिए जा सके।
यह 10 किमी लंबा नया एलीवेटिड रोड निर्माणाधीन अम्बाला-मोहाली हाईवे से शुरू होकर सीधा जीरकपुर बाईपास पर मिलेगा। जिस पर लगभग 1464 करोड़ की लागत लगेगी। इस नई सड़क के बनने से वाहन चालकों के समय की बचत होगी।

