Hisar Airport : हिसार एयरपोर्ट से हर पांच मिनट में उड़ान भर सकेंगी फ्लाइट्स
महाराजा अग्रसेन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को लेकर हलचल शुरू हो गई है। आने वाले समय में यहां से हर 5 मिनट के अंतराल पर विमान लैंड और टेक-ऑफ कर सकेंगे। बुधवार को सिविल एविएशन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. जी अनुपमा ने हवाई अड्डे का दौरा कर लंबित कार्यों की समीक्षा की।
एसीएस ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कैट-2 और ऑटो पायलट मोड जैसी जरूरी तकनीकी अनुमतियों (आईएलएस) के लिए डीजीसीए से लगातार संपर्क साधा जाए। वर्तमान में हिसार से दिल्ली, जयपुर, चंडीगढ़ और अयोध्या के लिए उड़ानें संचालित हो रही हैं। बैठक में जानकारी दी कि जल्द अहमदाबाद और जम्मू के लिए भी सीधी हवाई सेवा शुरू करने का प्रस्ताव है।
कैट-2 और ऑटो पायलट मोड क्या
कैट-2: घने कोहरे का सुरक्षा कवच: यह एक खास इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम है। जब भारी बारिश या कोहरे के कारण रनवे साफ न दिखे, तब यह पायलट की मदद करता है। इसमें विमान 100 फीट की ऊंचाई तक आने पर भी अगर रनवे न दिखे, तो भी सुरक्षित उतर सकता है।
ऑटोपायलट मोड: विमान का स्मार्ट माइंड
यह कंप्यूटर प्रणाली है जो बिना मानवीय मदद के विमान की ऊंचाई और गति को नियंत्रित करती है। कम दृश्यता में जब कैट-2 का इस्तेमाल होता है, तब ऑटोपायलट का सक्रिय होना अनिवार्य है। इससे पायलट का बोझ कम होता है और कंप्यूटर सटीक तरीके से विमान को रनवे के बीचों-बीच उतार देता है। कुल मिलाकर, ये दोनों तकनीकें यात्रियों के सफर को सुरक्षित और समयबद्ध बनाएंगी।
इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर से बढ़ेगी रफ्तार, कार्य में तेजी के निर्देश
डॉ. अनुपमा ने पीडब्ल्यूडी, सिंचाई और जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (आईएमसी) के पहले चरण के बाद यहां जहाजों का परिचालन काफी बढ़ जाएगा। यात्रियों की सुविधा के लिए हवाई अड्डा परिसर में बेहतर बस सेवा उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने रनवे, टर्मिनल बिल्डिंग और एटीसी बिल्डिंग के कार्यों का जायजा लिया। इस अवसर पर उपायुक्त महेंद्र पाल, अतिरिक्त उपायुक्त उत्सव आनंद, एयरपोर्ट डायरेक्टर ओपी सैनी, डीएम अजय सक्सेना, प्रोजेक्ट डायरेक्टर कैप्टन एएस गिल, रॉबिन सिंह उपस्थित थे।

