Old age pension : हरियाणा में रुकी हुई बुढापा पेंशन को लेकर सरकार ने लिया बड़ा फैसला
बुढ़ापा पेंशन की समस्या के समधान के लिए जिला स्तर पर कमेटी का किया गठन
बुढ़ापा पेंशन को लेकर हरियाणा सरकार की तरफ से बड़ा फैसला लिया है। अब बुजुर्गों को उनकी रुकी हुई पेंशन को चालू करने के लिए मुख्यालय का नहीं, बल्कि जिला स्तर पर ही चालू हो जाएगी। इसके लिए हरियाणा सरकार की तरफ से प्रत्येक जिले में बुढ़ापा व दूसरी सामाजिक पेंशन की समस्या का समाधान करने के लिए जिला स्तर पर ही कमेटी का गठन किया जाएगा।
राज्य सरकार ने प्रत्येक जिले में एडीसी की अध्यक्षता में कमेटियों का गठन कर दिया है। एडीसी की अध्यक्षता में गठित कमेटी ही बुढ़ापा पेंशन कटने के कारणों का पता लगाएगी और उनका तुरंत ही समाधान किया जाएगा।
पेंशन से संबंधित समस्याओं को लेकर हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने विधानसभा में जवाब देते हुए कही। उन्होंने कहा कि पेंशन संबंधित समस्याओं का समाधान के लिए जिला स्तर पर कमेटी का गठन कर दिया है और यह कमेटी पेंशन संबंधित समस्याओं का त्वरित ही समाधान करेगी।
बाढड़ा के भाजपा विधायक उमेद पातुवास ने सरकार से पूछा कि बुढापा पेंशन के लिए पात्रता निर्धारित करते समय परिवार की आय सम्मिलित करने के कारण कई वरिष्ठ नागरिकों की पेंशन बंद हो गई है। इस कारण उन्हें दिक्कत आ रही है।
क्या सरकार वरिष्ठ नागरिकों की बंद हुई पेंशन को बकाया और ब्याज के साथ बहाल करेगी। अंबाला के कांग्रेस विधायक निर्मल सिंह ने भी सदन में यही सवाल लगाया, जिसके चलते स्पीकर हरविन्द्र कल्याण ने दोनों सवालों को आपस में क्लब कर दिया।
विधायकों के सवाल पर मंत्री कृष्ण बेदी ने कहा कि पेंशन काटने को लेकर विपक्ष द्वारा भ्रम फैलाया जा रहा है। लोग गुमराह हो रहे हैं। प्रदेशवासियों की सुविधा के लिए प्रत्येक जिले में एडीसी की अध्यक्षता में जिला समाज कल्याण अधिकारी समेत अन्य अधिकारियों को शामिल कर एक कमेटी का गठन किया गया है।
यह कमेटी जिला स्तर पर शिकायतों को सुनेगी और विभाग के निदेशक को भेजेगी। इसके बाद विभाग की सबसे वरिष्ठ आइएएस अतिरिक्त मुख्य सचिव को निर्देश दिए गए हैं कि वह नियमित रूप से शिकायतों की मॉनिटरिंग कर सरकार को रिपोर्ट दें। मंत्री ने निर्मल सिंह के पूरक सवाल के जवाब पर कहा कि प्रदेश में किसी भी लाभार्थी की पेंशन काटी नहीं जाएगी। सभी पात्र लोगों को पेंशन मिलेगी।

