Haryana Electricity Bill : हरियाणा में बिजली बिल नहीं भरने वाले हो जाओ सावधान, अब निगम करेगा संपत्ति को नीलाम
हरियाणा में बिजली निगम का बिल नहीं देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की योजना तैयार की
हरियाणा में बिजली के बिल का भुगतान नहीं करने वाले सावधान हो जाए। बिजली निगम अब बिल का भुगतान नहीं करने वाले लोगों की रिकवरी के लिए उनकी संपत्ति को नीलाम करने का काम करेगी। इसके लिए बिजली निगम की तरफ से प्लान तैयार कर लिया है। यहां तक कि बिजली बिल का भुगतान नहीं करने वाले लोगों न तो अपनी संपत्ति को इस दौरान बेच पाएंगे और न ही नई प्रॉपर्टी को खरीद पाएंगे।
बिजली निगम ने यह फैसला बिजली के करोड़ों रुपये के बकाया बिल की वसूली के लिए किया गया है। बिजली निगम की तरफ से करीब एक लाख बिजली उपभोक्ताओं की लिस्ट तैयार की है और उनकी संपत्ति को नीलाम करने की प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा। करोड़ों रुपये की रिकवरी करने के लिए बिजली निगम पहली बार सख्ती बरतते हुए डिफाल्टर उपभोक्ताओं की संपत्ति नीलाम करने की प्रक्रिया अपनाएगा।
आपको बता दे कि हरियाणा में बिजली सप्लाई के लिए दो निगम बनाई गई है। इन दोनों निगमों में उपभोक्ताओं पर 8247 करोड़ रुपये बकाया हैं। इनमें उत्तर हरियाणा के 3573 करोड़ रुपये और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के 4674 करोड़ रुपये शामिल है।
सबसे पहले दिए जाएंगे नोटिस, फिर तहसीलदार को की जाएगी रिपोर्ट
बिजली का बिल का भुगतान नहीं करने वाले लोगों पर कार्रवाई के लिए निगम की तरफ से प्लान तैयार किया गया है। इसके लिए बिजली निगम के एसडीओ की तरफ से बिल का भुगतान नहीं करने वाले उपभोक्ता को तीन बार नोटिस दिया जाएगा। अगर तीन नोटिस के बाद भी बिजली का भुगतान नहीं करता है तो इस मामले को तहसीलदार के पास भेजा जाएगा।
जहां पर तहसीलदार की तरफ से उपभोक्ता को अंतिम नोटिस दिया जाएगा। इसके बाद भी अगर बिल का भुगतान नहीं किया जाता है तो लैंड रिकवरी एक्ट के तहत उनकी जमीन, वाहन, मशीनें और यहां तक कि गहनों की भी नीलामी की जा सकती है। एक लाख रुपये से अधिक राशि वाले डिफाल्टरों पर ही यह प्रक्रिया लागू होगी।
डिफाल्टरों के केस भेजे जा चुका
करनाल के अधीक्षण अभियंता नसीब सिंह ने बताया कि निगम ने ऐसे 26 डिफाल्टरों के केस तैयार किए हैं, जिनके ऊपर दो करोड़ 27 लाख का बिजली बिल बकाया है, उनको तहसीलदार के पास भेज दिया है। आगे भी ऐसे लोगों की लिस्ट बनाकर तहसीलदार को भेजी जाएगी। दो हजार से अधिक ऐसे डिफाल्टर हैं, जिनके ऊपर करोड़ों में बिल बकाया हैं। लैंड रिकवरी एक्ट के तहत जमीन कुर्क की जा सकती है।
डिफाल्टर नहीं खरीद और बेच सकेगा प्रापर्टी
जितने भी बिजली बिल डिफाल्टर हैं, जिन्होंने सालों से लाख से करोड़ों रुपये का अपना बिल जमा नहीं कराया है। जब तक वह ऐसा नहीं करते हैं तो भविष्य में वह अपनी प्रापर्टी खरीद व बेच नहीं सकेंगे। इस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

