Haryana Roadways Bus Strike : यात्रीगण कृप्या ध्यान दे! हरियाणा रोडवेज बसों का इस दिन रहेगा चक्का जाम, रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने किया ऐलान
लंबित मांगों को लेकर रोडवेज कर्मचारियों का गुस्सा अब सातवें आसमान पर है। सांझा संघर्ष समिति के बैनर तले हिसार डिपो में चल रहा धरना शुक्रवार को 22वें दिन में प्रवेश कर गया। धरने की अध्यक्षता राजेश सेलवाल ने की और अनिल सरसाना ने मंच संचालन किया।
कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि सस्कार और स्थानीय प्रशासन ने उनकी सुध नहीं ली तो 5 जून की रात बसों का रात्रि ठहराव (नाइट स्टे) बंद कर दिया जाएगा और 6 जून को पूरे डिपो का चक्का जाम (हड़ताल) रहेगा।
गेट मीटिंग के दौरान कर्मचारी नेताओं ने हिसार महाप्रबंधक पर तानाशाही और अड़ियल रवैया अपनाने का सीधा आरोप लगाया। कर्मचारियों का कहना है कि पिछले 3 साल से ज्यादा समय का रात्रि भत्ता (नाइट अलाउंस) बकाया है। प्रदेश के अन्य सभी 23 डिपो में कर्मचारियों को रात्रि भत्ते का भुगतान हो चुका है।
सार डिपो के लिए भी मुख्यालय से दो बार फाइल स्वीकृत होकर आ चुकी है, लेकिन स्थानीय अधिकारियों की लापरवाही के कारण भुगतान नहीं किया जा रहा।
हिसार बस स्टैंड पर 18 मुख्य टर्मिनल (काउंटर) हैं, जहां से रोज अलग-अलग दिशाओं के लिए बसें रवाना होती हैं। हिसार डिपो में 256 बसें हैं। जो हिसार डिपो और हांसी सब-डिपो के बेड़े में शामिल हैं, जो पूरी तरह वर्कशॉप या स्टैंड पर खड़ी हो जाएंगी। इनके चलते 100 से अधिक छोटे-बड़े ग्रामीण और शहरी रूट प्रभावित होंगे, जिससे रोज सफर करने वाले हजारों दैनिक यात्रियों (अप-डाउनर्स) का संपर्क टूट जाएगा।
कर्मचारियों की रात्रि भत्ता सहित 5 मुख्य मांगें
रात्रि भत्ता : पिछले तीन वर्षों से रुके हुए नाइट अलाउंस का तुरंत भुगतान।
पेंडिंग बिल: कर्मचारियों के मेडिकल बिल और बच्चों के शिक्षा भत्ते को तुरंत क्लियर किया जाए। चालकों की बकाया डीए किश्त जारी हो।
डीए की किश्त: वर्ष 2016 बैच के डग (पिट) की व्यवस्था: वर्कशॉप में गाड़ियों की सही ढंग से जांच के लिए मिस्त्रियों के लिए डग की उचित व्यवस्था की जाए।
टालमटोल बंद हो: प्रशासन मांगों को लटकाने की नीति बंद करे। आंदोलन के बीच महाप्रबंधक हिसार ने कर्मचारियों को बैठक के लिए बुलाया था।
लेकिन कर्मचारियों ने इसे महज टाइम पास और औपचारिकता बताया। नेताओं का कहना है कि ऐसी बैठकों में सिर्फ खोखले आश्वासन मिलते हैं, धरातल पर कोई ठोस समाधान नहीं निकलता।
अगर चक्का जाम हुआ तो आप पर क्या असर पड़ेगा?
20 हजार से ज्यादा मुसाफिर परेशान होंगे। हिसार और हांसी से रोजाना दिल्ली, चंडीगढ़, जयपुर और लोकल रूटों पर सफर करने वाले दैनिक यात्रियों (कर्मचारियों और छात्रों) को बसें नहीं मिलेंगी। सरकारी बसें बंद होते ही प्राइवेट टैक्सी और ऑटो चालक मजबूरी का फायदा उठाकर दोगुना किराया वसूलेंगे। शादियों का सीजन/गर्मी की छुट्टियां हैं। हड़ताल से इस समय यात्रा करने वाले परिवारों का पूरा शेड्यूल बिगड़ जाएगा।
25 जुलाई को परिवहन मंत्री का घेराव
सांझा संघर्ष समिति के पदाधिकारियों में अरुण शर्मा, जितेंद्र शर्मा, अजय दुहन सहित अन्य ने आगामी रणनीति का ऐलान कर दिया है। 5 जून को राज्य स्तरीय सांझा मोर्चा के दिग्गज नेता हिसार पहुंचेंगे और कमिश्नरी के माध्यम से सरकार को ज्ञापन सौंपेंगे।
इसी कड़ी में 25 जुलाई को परिवहन मंत्री के घेराव की रूपरेखा तैयार की गई है, जिसमें हिसार और हांसी सब-डिपो से कर्मचारी हिस्सा लेंगे। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि 5 जून से नाइट स्टे बंद होने और 6 जून से होने वाली हड़ताल के कारण जनता को जो भी परेशानी होगी, उसकी पूरी जिम्मेदारी हिसार जीएम, जिला प्रशासन और हरियाणा सरकार की होगी।

