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Haryana Roadways Chakka Jam : हरियाणा रोडवेज कर्मचारी व प्रबंधन के बीच टकराव टला, चक्का जाम का फैसला लिया वापिस

हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों और हिसार रोडवेज प्रबंधन के बीच शुक्रवार को टकराव बढ़ गया। शाम को लंबित मांगों पर रोडवेज सांझा मोर्चा के प्रांतीय नेताओं की मौजूदगी में सैकड़ों कर्मचारियों ने जीएम कार्यालय का घेराव कर लिया
 

 हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों और हिसार रोडवेज प्रबंधन के बीच शुक्रवार को टकराव बढ़ गया। शाम को लंबित मांगों पर रोडवेज सांझा मोर्चा के प्रांतीय नेताओं की मौजूदगी में सैकड़ों कर्मचारियों ने जीएम कार्यालय का घेराव कर लिया। कार्यालय के बाहर धरना लगाकर कर्मियों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

इस दौरान बस रोडवेज बसों के पहिए थम गए। बसों के लिए लोग इधर-उधर भटकते नजर आए। बस स्टैंड पर देर शाम भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया।

इधर, चंडीगढ़ से ज्वॉइंट डायरेक्टर राजेश पूनिया कर्मचारियों से बातचीत के लिए पहुंचे। बस स्टैंड पर देर रात तक ज्वॉइंट डायरेक्टर ने यूनियन के प्रांतीय नेताओं जगदीश लाठर, जयवीर घणघस, वीरेंद्र, अशोक खोखर, शिवकुमार श्योरण के साथ बातचीत की। पहले यूनियन नहीं मानी।

हालांकि देर रात दूसरे दौर की वार्ता में करीब पौने एक बजे जेडी राजेश पूनिया ने 15 दिन में लंबित मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया। मंगलवार तक एसीआर सही करने का भरोसा दिलाया। जिस पर कर्मचारियों ने शनिवार के चक्का जाम की कॉल वापस ले ली। यानीं शनिवार को बसें चलेंगी। हालांकि मांगें पूरी होने तक धरना जारी रखने का ऐलान किया।

इससे पहले धरने पर मौजूद कर्मचारियों ने मध्यरात्रि के बाद 3.40 बजे से बेमियादी चक्का जाम का ऐलान किया था। रोडवेज बस स्टैंड पर जिला प्रशासन की तरफ से पहुंचीं एसडीएम ने यूनियन नेताओं से बात की।

मांगों के समाधान के लिए एक माह का समय मांगा लेकिन नेताओं ने इनकार कर दिया। जिले के करीब 80 गांवों में रात्रि ठहराव करने वाली रोडवेज की बसें भी गांव में नहीं रुकी। बसें डिपो से बाहर नहीं निकलीं। चालक-परिचालक काम छोड़ गए थे।

कर्मचारियों ने प्रमोशन, बकाया भत्ते, ओवर टाइम, नाइट स्टे की मुख्य मांगें रखीं

चालक-परिचालकों और वर्कशॉप स्टाफ की लंबे समय से रुकी प्रमोशन तुरंत की जाए। डिपो में नई बसों की संख्या बढ़ाई जाए और वर्कशॉप में स्पेयर पार्ट्स की कमी को दूर किया जाए। । कर्मचारियों के बकाया भत्तों और नाइट स्टे (रात्रि ठहराव), ओवर टाइम, एलटीसी, एसीपी के पैसों का तुरंत भुगतान हो। ड्यूटी रोस्टर में पारदर्शिता लाई जाए।

समस्याओं के समाधान को एसडीएम ने मांगा एक माह, यूनियन राजी नहीं हुई

रोडवेज कर्मचारियों के घेराव की सूचना के बाद एसडीएम ज्योति मित्तल ने कहा कि एक माह का समय दो, समस्याओं का समाधान करा देंगे लेकिन कर्मचारियों के प्रांतीय नेता जयवीर घनघस, दलबीर किरमारा, राजपाल नैन ने कहा कि 22 दिनों से धरना चल रहा है। लंबित मांगों को तीन साल बीत गए लेकिन जीएम ने मांगों पर संज्ञान नहीं लिया। मांग है- जीएम को हटाओ।

यह थी तैयारी... सुबह 3.40 बजे से बसें रोकने का था ऐलान, चरणबद्ध डिपो करने थे बंद

सहमति बनने से पहले धरने पर कर्मचारी नेताओं ने कहा था कि हिसार में कर्मचारियों की मांगों को तीन साल बीत गए। जीएम कर्मचारियों की मांगों के प्रति गंभीर नहीं हैं। इसलिए तय किया था कि शुक्रवार मध्य रात्रि के बाद 3.40 बजे बसों के पहिए रोकेंगे। 7 जून को सिरसा डिपो के पहिए रोके जाने की तैयारी थी। 8 जून को फतेहाबाद में चक्का जाम किया जाने का ऐलान था।

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