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Haryana Roadways : हरियाणा रोडवेज को यूपी, उत्तराखंड व हिमाचल प्रदेश के इन रुटों पर नहीं मिल रहा परमिट

 

हरियाणा रोडवेज की बसों को पड़ोसी राज्यों द्वारा चलने के लिए परमिट नहीं दिया जा रहा है। हालांकि 13 साल पहले इन मार्गों पर हरियाणा रोडवेज बस चलने का परमिट था, लेकिन शुल्क अदा नहीं करने के चलते इन बसों के रुट को कैंसिल कर दिया था। अब लगातार डिमांड भेजी जा रही है, लेकिन वहां से परमिट के लिए कोई जवाब नहीं आ रहा है।

हरियाणा के पड़ोसी राज्य यूपी, उत्तराखंड व हिमाचल प्रदेश से कुल 24 मार्गो पर परमिट मिलने का इंतजार है। रोहतक जीएम नवीन कुमार ने बताया कि करीब 6 माह से डिमांड के बावजूद परमिट नहीं मिल पाए हैं। इसमें लगातार टालमटोल का रवैया अपनाए हुए हैं।

इसकी बड़ी वजह यह है कि 13 साल पहले तक की अवधि में इन मार्गों के परमिट इन्हीं राज्यों ने कैंसिल किए थे, क्योंकि 3200 रुपए प्रति बस के हिसाब से शुल्क अदा नहीं किया गया। इससे परमिट को रिन्यू करने की प्रक्रिया थमने के बाद परमिट कैंसिल किए गए थे। जिससे प्रदेश की खराब छवि के कारण अब परमिट मिलने में मुश्किलें आ रही हैं। इसके परिणामस्वरूप यात्रियों को परेशानियां उठानी पड़ रही है।

अपने गृह जनपद के जिले की बजाए दूसरे जिलों से जाकर सीधी बस पकड़नी पड़ रही है। इन मार्गों पर परमिट चाहिएः जींद से वाया रोहतक लुधियाना कटरा तक, जींद से वाया रोहतक अमृतसर, पलवल से ऋषिकेश, पलवल से देहरादून, पलवल से हल्द्वानी, रोहतक से कुल्लू, रोहतक से गंगानगर, रोहतक से अनूपगढ़, रोहतक से करणपुर, नूंह से ऋषिकेश, नूंह से हरिद्वार, नूंह से देहरादून,

हिसार से अलीगढ़, सिरसा से आगरा, फरीदाबाद से अलीगढ़, फरीदाबाद से कटरा, फरीदाबाद से डलहौजी, सिरसा से डलहौजी, रोहतक से शिमला, सिरसा से फिरोजपुर, फरीदाबाद से पंचकोशी, गुरुग्राम से बरेली, सिरसा से ग्वालियर और महेंद्रगढ़ से शिमला का परमिट चाहिए।

पुष्कर धाम के लिए भी इंतजार

विष्णु भगवान के एकमात्र मंदिर पुष्कर धाम तक बस के लिए झज्जर, रोहतक, जींद, कैथल, अम्बाला, पंचकूला जिले के लोगों को बस चलने का इंतजार है। जबकि यहां पर काफी संख्या में यात्री होते हैं. लेकिन बस नहीं मिलने के कारण सबको दूसरी जगहों से बस बदलकर जाना पड़ता है।

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