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Haryana Roadways : बस का सफर होगा सुहाना, हरियाणा रोडवेज चलाएगा 30 नए रुटों पर बस 

रेवाड़ी जिले के लिए लगभग 30 बसों की खेप आने वाली है, जिससे लंबे समय से बना परिवहन संकट काफी हद तक दूर हो जाएगा। वर्तमान में सबसे अधिक परेशानी महेन्द्रगढ़ रूट पर देखी जा रही है
 

रोडवेज बसों की कमी से जूझ रहे यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। रेवाड़ी जिले के लिए लगभग 30 बसों की खेप आने वाली है, जिससे लंबे समय से बना परिवहन संकट काफी हद तक दूर हो जाएगा।

वर्तमान में सबसे अधिक परेशानी महेन्द्रगढ़ रूट पर देखी जा रही है, जहां यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ता है और बसों में भारी भीड़ रहती है। ये बसें आने से यह समस्या लगभग खत्म हो जाएगी। खास बात यह है कि ये बसें कोसली सब-डिपो से बनकर चलेंगी, लेकिन अपनी रूट प्लानिंग के अनुसार रेवाड़ी शहर को भी कनेक्ट करेंगी।

इन बसों के संचालन से न केवल स्थानीय यात्रियों को लाभ होगा, बल्कि नारनौल, पटौदी और अन्य जयपुर, चंडीगढ़, जालंधर, दिल्ली समेत लंबी दूरी के रूटों पर भी कनेक्टिविटी बेहतर होगी। पिछले कुछ समय से पुरानी बसों के कंडम होने और नई बसों की कमी के कारण विभाग कई रूटों पर फेरे कम करने को मजबूर था।

अब 30 नई बसों के आने से टाइम टेबल को नए सिरे से व्यवस्थित किया जाएगा, ताकि पीक आवर्स में यात्रियों को बस के लिए खड़ा न रहना पड़े। फिर बसें कोसली और रेवाड़ी दोनों से बनकर चलेंगे, इससे यात्रियों को काफी फायदा होगा।

कोसली सब-डिपो के लिए मिलेंगी बसें

कोसली में नया रोडवेज सब-डिपो पूरी तरह तैयार हो चुका है। सब-डिपो को सुचारू रूप से चलाने और ग्रामीण अंचल को शहर से जोड़ने के उद्देश्य से ही ये लगभग 30 नई बसें आवंटित की जाएंगी। कोसली क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से मांग थी कि उनके डिपो से सीधी बस सेवाएं शुरू की जाएं।

अब यहां से बसें बनकर निकलेंगी, जो रेवाड़ी होते हुए विभिन्न जिलों तक जाएंगी। इससे कोसली और आसपास के गांवों के लोगों को रेवाड़ी या अन्य बड़े स्टेशनों पर जाने के लिए निजी वाहनों या डग्गामार बसों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

ग्रामीण रूटों पर सुविधा बढ़ेगी

नई बसों के आने से केवल शहरी या लंबे रूटों को ही नहीं, बल्कि ग्रामीण अंचल को भी बड़ा फायदा होगा। अभी तक बसों की कमी के कारण विभाग का मुख्य फोकस मुख्य मागों पर रहता था, जिससे गांवों के रूट प्रभावित होते थे। अब जब 30 बसें कोसली केंद्र से बनकर चलेंगी, तो ग्रामीण क्षेत्रों में बसों के फेरे (चक्कर) बढ़ाए जाएंगे। कोसली सब-डिपो से चलने वाली बसें रेवाड़ी पहुंचने के बीच पड़ने वाले दर्जनों गांवों को कवर करेंगी।

इससे कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों और रोजाना काम पर जाने वाले ग्रामीणों को समय पर बस मिल सकेगी। सुबह और शाम के समय, जब यात्रियों की संख्या सबसे अधिक होती है, ग्रामीण रूटों पर अतिरिक्त फेरे लगाने की योजना है। इससे डग्गामार वाहनों और अवैध ऑटो में जोखिम भरा सफर करने की मजबूरी खत्म होगी और गांवों का सीधा संपर्क जिला मुख्यालय से मजबूत होगा।

जल्द मिल जाएंगी नई बसें :  जीएम

रेवाड़ी रोडवेज जीएम  निरंजन शर्मा ने बताया कि मुख्यालय की ओर से जिले को नई बसें आवंटित करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। वैसे हर सब-डिपो में करीब 50 बसें होती है, मगर कोसली अभी नया सब-डिपो बना है तो लगभग 30 बसें आने की संभावना है। ये बसें मुख्य रूप से कोसली सब-डिपो के माध्यम से संचालित होंगी, लेकिन इनका रूट चार्ट इस तरह तैयार किया जाएगा कि रेवाड़ी डिपो के मुख्य रूटों को भी कवर किया जा सके।

हमारा प्राथमिक लक्ष्य महेन्द्रगढ़ और नारनौल रूट पर आ रही बसों की कमी को दूर करना है। जैसे ही बसों की डिलीवरी मिलेगी, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर रूटों पर उत्तार दिया जाएगा। इससे राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी और आम जनता को सुगम परिवहन सेवा मिल सकेगी। 

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