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HCS Recruitment : एचसीएस भर्ती परीक्षा के सिलेबस को बदला, अब यूपीएससी की तर्ज पर होगी परीक्षा 

एचसीएस यानी हरियाणा सिविल सर्विस भर्ती को लेकर हरियाणा सरकार ने नियमों में बड़ा बदलाव किया है।
 

एचसीएस यानी हरियाणा सिविल सर्विस भर्ती को लेकर हरियाणा सरकार ने नियमों में बड़ा बदलाव किया है। एचसीएस की भर्ती परीक्षा को लेकर आने वाले सिलेबस को बदल दिया है। हालांकि प्रारंभिक परीक्षा का पेपर पहले की तरह रहेगा। मुख्य परीक्षा का पैटर्न के बाद सिलेबस भी बदल दिया है।

जिस सिलेबस से यूपीएससी ऑल इंडिया सर्विस के लिए जनरल स्टडी के 4 पेपर लेता है, वही सिलेबस एचसीएस-एलाइड सर्विस के लिए तय कर दिया है। ऐसे में यूपीएससी की तैयारी करने वाले युवाओं को फायदा होगा। एचसीएस-एलाइड सर्विस के पुराने सिलेबस के अनुसार तैयारी करने वालों को ज्यादा मेहनत करनी होगी।

हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन (एचपीएससी) जल्द भर्ती का विज्ञापन जारी कर सकता है। प्रारंभिक परीक्षा अप्रैल में संभव है। इस भर्ती में 150 से ज्यादा पद हो सकते हैं। इनमें 25-30 पद एचसीएस के हो सकते हैं। हालांकि, अभी हरियाणा में एचसीएस कैडर रिव्यू होने के बाद 61 पोस्ट खाली हो गई हैं। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024 और 2025 में भर्ती नहीं की गई है। ऐसे में एचसीएस की पोस्ट और भी बढ़ सकती हैं।

मुख्य परीक्षा का हर पेपर 100-100 अंक का होगा

मुख्य परीक्षा के पैटर्न और सिलेबस में ही बदलाव किया गया है। सभी 6 पेपर 100 अंक के होंगे। कुल 600 अंक के प्रश्न पत्र होंगे। इनमें चार जनरल स्टडी और दो अंग्रेजी व हिंदी के पेपर होंगे। खास बात यह है कि तीन पेपर में हरियाणा से जुड़े इश्यू से संबंधित प्रश्न भी शामिल होंगे। पेपर हिंदी-अंग्रेजी दोनों भाषा में तैयार होंगे। प्रत्येक पेपर की अवधि तीन घंटे होगी।

भाषा या साहित्य पेपर को छोडकर उम्मीदवारों को सभी प्रश्न पत्रों के उत्तर अंग्रेजी या हिंदी में देने का विकल्प रहेगा। इंटरव्यू 75 अंकों का होगा। मुख्य परीक्षा की कटऑफ 45% की रहेगी। हिंदी व अंग्रेजी भाषा में प्रत्येक में कम से कम 33% अंक लाना अनिवार्य होगा। दिव्यांग उम्मीदवार अगर 45% की कटऑफ तक नहीं पहुंच पाते हैं तो यह सीमा घटाकर 35% तक की जा सकती है।

ऐसे होंगे मुख्य परीक्षा के पेपर और सिलेबस

पहला पेपरः भारतीय विरासत और संस्कृति, विश्व का इतिहास और भूगोल और समाज। भारतीय व विश्व इतिहास, साहित्य, आर्किटेक्चर, स्वतंत्रता संग्राम, इंडियान सोसायटी, सोशल एंपावरमेंट, जियोग्राफी जैसे विषय का होगा।

भारतीय संस्कृति में प्राचीन से आधुनिक काल तक कला रूपों, साहित्य और वास्तुकला के मुख्य पहलुओं को शामिल किया जाएगा। लगभग अठारहवीं सदी के मध्य से लेकर वर्तमान तक का आधुनिक भारतीय इतिहास महत्वपूर्ण घटनाएं, व्यक्तित्व, मुद्दे। स्वतंत्रता संग्राम - इसके विभिन्न चरण और देश के विभिन्न हिस्सों से महत्वपूर्ण योगदानकर्ता/योगदान।

स्वतंत्रता के बाद देश के भीतर एकीकरण और पुनर्गठन। विश्व के इतिहास में 18वीं सदी की घटनाओं जैसे औद्योगिक क्रांति, विश्व युद्ध, राष्ट्रीय सीमाओं का पुनर्निर्धारण, उपनिवेशवाद, वि-उपनिवेशवाद, साम्यवाद, पूंजीवाद, समाजवाद आदि जैसी राजनीतिक विचारधाराएं उनके स्वरूप और समाज पर उनके प्रभाव शामिल होंगे। महिलाओं और महिला संगठनों की भूमिका, जनसंख्या और संबंधित मुद्दे, गरीबी और विकासात्मक मुद्दे, शहरीकरण, उनकी समस्याएं और उनके समाधान। 

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