Huda New Sector : हुडा जींद, नरवाना व उचाना में काटेगा नए सेक्टर, इन गांवों में जमीन की तलाश
हुडा द्वारा नरवाना व उचाना में नए सेक्टर बनाने के लिए डूमरखां कलां और मोहल खेड़ा में 340 एकड़ की डिमांड
हुडा के नए सेक्टर काटने का इंतजार करने वाले लोगों के लिए राहत की खबर है। हुडा यानी हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) द्वारा जींद जिले में नए सेक्टर काटे जाएंगे। यह सेक्टर जींद शहर, उचाना व नरवाना में बनाए जाएंगे। इसके लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) की तरफ से जमीन की तलाश शुरू कर दी है।
नरवाना के साथ लगते डूमरखां कलां और मोहल खेड़ा में 340 एकड़ जमीन खरीदने के लिए एचएसवीपी की तरफ से ई-भूमि पोर्टल पर डिमांड डाली गई है। फिलहाल नरवाना में एचएसवीपी की केवल एक मार्केट है। जहां सीवरेज व पेजयल की व्यवस्था एचएसवीपी संभालता है, बाकी व्यवस्था नगर परिषद देखती है।
जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद यहां नए सेक्टर विकसित किए जाएंगे। जिससे नरवाना शहर की सीमा का भी विस्तार होगा। इसी तरह जींद शहर में भी एचएसवीपी आसपास के गांव जुलानी, पिंडारा, निर्जन, गोबिंदपुरा, किशनपुरा सहित अन्य गांवों में नए सेक्टर विकसित करने के लिए जमीन तलाश रहा है। यहां भी ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से जमीन की खरीद की जाएगी।
इसी तरह उचाना में भी नए सेक्टर विकसित करने की योजना है। उचाना में आसपास के क्षेत्र में जमीन की खरीद की जाएगी। तीन शहरों में नए सेक्टर विकसित होने से लोगों को अप्रूव्ड एरिया में प्रापर्टी खरीदने का विकल्प मिलेगा। एचएसवीपी के एसडीओ तरुण कुमार ने बताया कि जींद, नरवाना व उचाना में नए सेक्टर विकसित किए जाने हैं। इसके लिए एचएसवीपी ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से जमीन की खरीद करेगा।
18 साल पहले जींद में कटे थे चार सेक्टर
जींद शहर की बात करें, तो एचएसवीपी ने करीब 18 साल पहले सेक्टर छह, सात, आठ व नौ काटे थे। पिछले कुछ साल में नई सोसायटी विकसित हुई है। प्रापर्टी के रेट में भी काफी उछाल आया है। सफीदों रोड के आसपास प्रापर्टी के रेट 60 से 80 रुपये प्रति वर्ग गज तक पहुंच गए हैं।
लोगों को मिलेगी बेहतर सुविधा
सेक्टर आठ रेजिडेंस वेलफेयर सोसायटी के प्रधान सतबीर बांगड़ ने कहा कि काफी साल से एचएसवीपी ने शहर में सेक्टर नहीं काटे हैं। आखिरी बार सेक्टर छह, सात, आठ व नौ विकसित किए गए थे। अगर नए सेक्टर विकसित किए जा रहे हैं, तो ये अच्छी पहल है। जो एचएसवीपी सेक्टर विकसित करेगा, उसमें रखरखाव का जिम्मा भी एचएसवीपी का ही होता है।

