Haryana land acquisition : हरियाणा के इन दो जिलो में जमीन होगी अधिग्रहण, सरकार ने दी मंजूरी
जमीन अधिग्रहण का कार्य लगभग 12 साल से लटका हुआ था
हरियाणा सरकार की तरफ से दो जिलों में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे बढ़ा दिया है। इन जमीनों का अधिग्रहण का काम वर्षों से लटका हुआ था, लेकिन 12 साल के बाद अब हरियाणा सरकार ने इन जमीन को अधिग्रहण के लिए नोटिस जारी किया है। जिस मानेसर तहसील की लैंड डील को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, अब उसी मानेसर तहसील के गांव शिकोहपुर की जमीन के लिए कांग्रेस सरकार में भूमि अधिग्रहण के लिए हुए सेक्शन-4 की प्रक्रिया को भाजपा सरकार ने 12 साल बाद आगे बढ़ाया है।
यह जमीन 34.75 एकड़ है। हुड्डा सरकार में 31 दिसंबर, 2013 को जमीन का सेक्शन 4 जारी हुआ था। यानी यह नोटिस जारी हुआ कि सरकार इस जमीन का अधिग्रहण करेगी। इसके बाद मामला आगे नहीं बढ़ा। अब भाजपा सरकार ने 34.75 एकड़ जमीन का सेक्शन-6 जारी कर दिया है। इस जमीन पर गुरुग्राम के सेक्टर-77 व 78 की डिवाइडिंग रोड बनाई जाएगी।
बता दें कि, यहां सेक्शन-4 जारी होने के बाद करीब 9 एकड़ जमीन का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। जिस पर स्टे है। इसलिए सरकार ने यह जमीन छोड़ दी है। भूमि के नक्शा या प्लान का निरीक्षण गुरुग्राम स्थित शहरी संपदा विभाग के भूमि अर्जन कलेक्टर के कार्यालय में किया जा सकता है।
इसी प्रकार यमुनानगर में भी 31 दिसंबर, 2013 को सेक्शन-4 जारी होने के बाद अब सरकार ने उस जमीन के लिए भी सेक्शन-6 जारी किया है। यानी सरकार की ओर से गुरुग्राम व यमुनानगर जिले में कांग्रेस सरकार के वक्त करीब 84 एकड़ जमीन को लेकर सेक्शन-6 जारी किया गया है।
यमुनानगर के 3 गांवों की 52 एकड़ जमीन होगी अधिग्रहित
यमुनानगर में जमीन जगाधरी तहसील के गांव हुंडेवाला, रटौली व गोविंदपुर की है। कुल 52.41 एकड़ इस जमीन पर सेक्टर-19 के वाणिज्यिक और सेक्टर-13 व 14 के रिहायशी पार्टी क विकास किया जाएगा। यह जमीन इसी मकसद से वांछित बताई गई है।
इसके लिए भी कांग्रेस सरकार में 31 दिसंबर, 2013 में ही सेक्शन-4 जारी हुआ था। जारी अधिसूचना में कहा गया है कि भूमि का नक्श या प्लान का निरीक्षण शहरी संपदा विभाग के पंचकूला स्थित भूमि अर्जन कलेक्टर के कार्यालय में किया जा सकता है।
अब ऐसे आगे बढ़ेगी प्रक्रिया
सेक्शन-6 जारी होने के बाद अब शहरी संपदा विभाग के अधिकारी जमीन चिह्नित करेंगे। साथ ही सभी खसरा नंबर आदि तय हो जाएंगे। इसके अलावा विभाग की ओर से जमीन की कीमत तय कर अवार्ड पारित कर दिया जाएगा। इसके बाद सेक्शन-9 जारी कर सरकार यह जारी करेगी कि यह जमीन अब सरकार की हो गई है।

