New Flyover : चंडीगढ़ में बनेगा पहला फ्लाईओवर, केंद्र ने दी मंजूरी
करीब 10 साल से फाइलों और कानूनी पेच में फंसे चंडीगढ़ के पहले फ्लाईओवर प्रोजेक्ट को आखिरकार केंद्र सरकार से मंजूरी मिल गई है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (मोर्थ) ने यूटी प्रशासन को लेटर भेजकर ट्रिब्यून चौक फ्लाईओवर के लिए एल-1 कंपनी से 4.73 करोड़ रुपए की एडिशनल परफॉर्मेंस सिक्योरिटी लेने की अनुमति दे दी है। अब इंजीनियरिंग विंग अगले कुछ दिनों में कंपनी को लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस (एलओए) जारी करेगा।
लेटर में मंत्रालय ने कहा है कि ट्रिब्यून चौक पर एनएच-5 के तहत फ्लाईओवर, रोटरी और अंडरपास निर्माण कार्य के लिए चुनी गई एल-1 कंपनी ने टेंडर राशि अनुमानित लागत से 31.06 परसेंट कम कोट की है। इसी कारण आरएफपी के अनुसार कंपनी से 4 करोड़ 73 लाख 53 हजार 652 रुपए की एडिशनल परफॉर्मेंस सिक्योरिटी ली जाएगी।
मंत्रालय ने यूटी प्रशासन को प्राथमिकता के आधार पर लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस (एलओए) जारी करने के लिए भी कहा है, जिससे प्रोजेक्ट का रास्ता साफ हो गया है। मोर्थ की ओर से प्रोजेक्ट की सैंक्शन वैलिडिटी भी 31 मई 2026 तक बढ़ा दी है। बता दें कि यह प्रोजेक्ट पिछले करीब 10 साल से एनवायरमेंट और कानूनी विवादों के कारण अटका हुआ था।
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में करीब 700 पेड़ों की कटाई को लेकर मामला चलने से काम रुक गया था। हालांकि बाद में हाईकोर्ट ने स्टे हटा दिया, जिसके बाद प्रशासन ने दोबारा प्रक्रिया शुरू की थी।
प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 214.66 करोड़ रुपए थी
प्रशासन ने पंचकूला की सिंगला कंस्ट्रक्शंस को एल-1 एजेंसी के तौर पर फाइनल किया है। कंपनी ने करीब 147 करोड़ रुपए की सबसे कम बोली लगाई थी, जबकि प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 214.66 करोड़ रुपए थी। करीब 1.6 किलोमीटर लंबे इस फ्लाईओवर प्रोजेक्ट का उद्देश्य ट्रिब्यून चौक पर रोजाना गुजरने वाले लगभग डेढ़ लाख वाहनों के ट्रैफिक दबाव को कम करना है। योजना के अनुसार फ्लाईओवर जीएमसीएच-32 चौक के पास से शुरू होकर ट्रिब्यून चौक को पार करते हुए रेलवे ओवरब्रिज से आगे तक जाएगा।

