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New Rail Line : हरियाणा के इस जिले से होगी निकलेगी नई रेल लाइन, हिमाचल से होगी सीधी कनेक्टिविटी 

चंडीगढ़ से हरियाणा होते हुए हिमाचल प्रदेश तक नई रेल लाइन बिछाई जाएगी
 

चंडीगढ़ से हरियाणा होते हुए हिमाचल प्रदेश तक नई रेल लाइन बिछाई जाएगी। इस नई रेल लाइन को बिछाने की प्रक्रिया को तेजी से किया जा रहा है। जहां पर जमीन अधिग्रहण का काम किया जा चुका है। यह रेलवे लाइन चंडीगढ़ से पंचकूला होते हुए हिमाचल प्रदेश के बद्दी तक बिछाई जाएगी।

चंडीगढ़ बद्दी नई रेलवे लाइन को लेकर इसी महीने दिल्ली के पीएमओ ऑफिस के अधिकारी मीटिंग करेंगे। मीटिंग के दौरान इस प्रोजेक्ट का स्टेटस और प्रोजेक्ट का काम कब तक पूरा हो जाएगा इस पर अधिकारियों से रिपोर्ट ली जाएगी। 2018 में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट का अभी तक 40 फीसदी काम ही पुरा हुआ है।

बाकी काम रेलवे विभाग की ओर से जून 2027 में कंप्लीट करने का टारगेट बनाकर चल रहा है। अब तक इस प्रोजेक्ट पर चंडीगढ़ से बद्दी तक 30.29 किलोमीटर की रेलवे लाइन बनाने की प्लानिंग है। इस प्रोजेक्ट पर अब तक 1044 करोड़ रुपए खर्चा जा चुका है। इस प्रोजेक्ट में 15 मेजर ब्रिज, 23 माइनर ब्रिज, 7 आरयूबी और 1 आरओबी बनाया जा रहा है।

इसमें केंद्र सरकार व हिमाचल सरकार की हिस्सेदारी है, जिसमें से हिमाचल सरकार ने 384 करोड़ रुपए की पेमेंट की है और बकाया 174 करोड़ रुपए की पेमेंट बाकी है, जो कि जल्द किए जाने की संभावना है। दूसरी ओर पंचकूला में इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण के दौरान एचएमटी व नगर निगम का जमीन अधिगृहीत किया गया था, लेकिन 2022-23 के दौरान रेलवे लाइन की अलाइनमेंट बदले जाने के बाद दोनों सरकारी एजेंसियों से पैसा वापस लिया जाना था।

जिसमें से पंचकूला प्रशासन ने हाल ही में रेलवे को बकाया 7 करोड़ रुपए भी वापस कर दिया। हिमाचल में रेलवे लाइन को लेकर चल रहे काम के दौरान की जाने वाली खुदाई की शिकायत स्थानीय लोगों ने एनजीटी में कर दी। अब इस मामले की सुनवाई एनजीटी में भी चल रही है। हालांकि इसके का कारण इस प्रोजेक्ट में किसी भी तरह की रुकावट नहीं आई है। 

किसानों की जमीन की अधिग्रहण 

 चंडीगढ़-बद्दी नई रेल लाइन प्रोजेक्ट के तहत पंचकूला और  हिमाचल के करीब 1,300 किसानों से कुल 61 हेक्टेयर  (लगभग 150 एकड़) जमीन एक्वायर की गई है। इसमें सरकारी जमीन लगभग 112 एकड़ और किसानों की 38 एकड़ जमीन शामिल है। हरियाणा के पंचकूला जिले के 23 गांवों में 1,100 से अधिक किसानों की जमीन शामिल है,  जबकि हिमाचल के 9 गांवों में 210 से ज्यादा किसानों की जमीन एक्वायर की गई है।

प्रोजेक्ट से बद्दी के 2,200 से ज्यादा फार्मा उद्योगों और 4,000 से अधिक उद्योगपतियों को फायदा होगा। बद्दी एशिया का सबसे बड़ा फार्मास्युटिकल हब है, जहां 7 लाख से अधिक मजदूर काम करते हैं। रेलवे लाइन से माल ढुलाई सस्ती, तेज और सुरक्षित होगी, निर्यात बढ़ेगा और लागत कम होगी। साथ ही, लाखों कर्मचारियों की रोजाना यात्रा आसान होगी, पिंजौर-बद्दी रोड पर ट्रैफिक जाम में राहत मिलेगी और क्षेत्र में रोजगार, व्यापार व आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

चंडीगढ़ बद्दी नई रेल लाइन की वर्तमान हालात

इस प्रोजेक्ट का कुल काम 40 प्रतिशत पूरा हुआ है। कुल रेल ट्रैक का काम 30% से ज्यादा पूरा हो चुका है। हरियाणा हिस्से में 30%, हिमाचल हिस्से में 60% काम हो चुका है। इस रेल लाइन पर दो नए रेलवे स्टेशन बन रहे हैं, जिसमें नानकपुर और बद्दी स्टेशन है और उसका 40 प्रतिशत स्ट्रक्चर का काम कंप्लीट हो चुका है।

चंडीमंदिर रेलवे स्टेशन के एक्सपेंशन का काम चल रहा है, जो कि करीब 50 प्रतिशत काम कंप्लीट हो चुका है।  कुल रेलवे लाइन में लगभग 9-12 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड ट्रैक का है, जिसमें एक किलोमीटर का सेक्शन 52 फीट तक ऊंचा और कुछ जगह 25 फीट ऊंचा रखा जा रहा है।  ट्रैक 6 लेयर में बनाया जा रहा है, ताकि ग्रीन फील्ड और रोड क्रॉसिंग बचाई जा सके। इस रेलवे लाइन का रूट चंडीमंदिर से शुरू होकर धमाला, लोहगढ़, जोलूवाल, कोना, मंडावाला होते हुए बद्दी तक पहुंचेगा। ट्रैक का डिजाइन 100-120 किमी / घंटा सपीड के अनुरूप किया जा रहा है।

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