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New Satellite City : हरियाणा में दस हजार एकड़ में बनेगा नया सैटेलाइट शहर, होलसेल मार्केट भी बनाई जाएगी 

खरखौदा में सैटेलाइट सिटी व राई में होलसेल मार्केट विकसित करने की घोषणा

 

हरियाणा सरकार द्वारा नए शहर बसाने को लेकर लगातार फैसले लिए जा रहे है। जहां पर अलग-अलग शहरों में 40 हजार एकड़ जमीन पर नई आईएमटी बनाने व शहर बसाने की योजना बनाई जा रही है। इसी कड़ी में 10 हजार एकड़ क्षेत्र में सैटेलाइट शहर बसाने की योजना को मंजूरी दी गई है। यह सैटेलाइट शहर सोनीपत के खरखौद में 10 हजार एकड़ में विकसित किया जाएगा।

आपको बता दे कि खरखौदा में मारुति प्लांट  आने के बाद से यहां जमीन आसमान को छू रही है, लेकिन अब मुख्यमंत्री नायब सैनी द्वारा दस हजार एकड़ में सैटेलाइट शहर बसाने की योजना के बाद जमीन के रेट ज्यादा बढ़ने की संभावना है, वहीं मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद महंगी जमीन मालिकों को डर सताने लगा है कि कहीं वह जमीन अधिग्रहण में नहीं आ जाए।

जहां पर खरखौदा में सैटलाइट शहर बसाया जाएगा, वहीं राई में होलसेल मार्केट विकसित की जाएगी। बेहतर कनेक्टिविटी के लिए रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) की डीपीआर तैयार हो चुकी है। यह दिल्ली के सराय काले खां से करनाल और सराय काले खां से रेवाड़ी होते हुए राजस्थान के अलवर तक जाएगा। इन प्रोजेक्ट पर 70 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे।

इनका टेंडर जल्द जारी होगा। सीएम नायब सिंह सैनी ने बजट पूर्व परामर्श बैठक में गुरुग्राम में यह जानकारी दी। खरखौदा में आईएमटी के कारण औद्योगिक गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। आईएमटी फेज-2 के लिए रामपुर, सैदपुर, जटौला, फिरोजपुर बांगर गांव की जमीन अधिग्रहित की जा सकेगी। अगले 15 साल में यहां की आबादी 5 लाख हो सकती है। इसे देखते हुए मास्टर प्लान-2041 के तहत 2229 हेक्टेयर में औद्योगिक, 118 हेक्टेयर में वाणिज्यिक, 1300 हेक्टेयर में 10 रिहायशी सेक्टर विकसित होंगे।

483 हेक्टेयर ओपन स्पेस होगा। 84 हेक्टेयर भूमि में जलाशय व प्राकृतिक संरक्षण के कार्य होंगे। रिहायशी सेक्टर-2, 2ए, 4, 6, 7, 9, 10, 10ए, 11, 11ए गांव पिपली, गोपालपुर, बरोणा, छिनौली, थाना कलां की जमीन पर बनेंगे। सेक्टर-6 में शॉपिंग मॉल, दुकान, होटल, रेस्टोरेंट बनाए जाएंगे। खरखौदा नगरपालिका में 16 वार्ड हैं। यहां अभी कोई रिहायशी सेक्टर नहीं है। शहरी आबादी करीब 35 हजार है। उपमंडल में 43 गांव हैं।

बड़े शहरों पर होगा दबाव कम 

उस शहर को सैटेलाइट सिटी कहते हैं, जिसे महानगर के आसपास योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जाता है, ताकि मुख्य शहर से जनसंख्या, ट्रैफिक, आवास व रोजगार का दबाव कम किया जा सके। इनकी बड़े शहर से अच्छी कनेक्टिविटी होती है। आवास, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार को सुविधाएं विकसित की जाती हैं। नोएडा, ग्रेटर नोएडा जैसे दिल्ली के सैटेलाइट शहर हैं।
 

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