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New sector : चंडीगढ़ की तर्ज पर पिंजौर, कालका, रायपुररानी में बसेंगे 47 नए सेक्टर 

चंडीगढ़ की तर्ज पर बसे पंचकूला शहर का बड़ा विस्तार होने जा रहा है। एचएसवीपी ने जिले में 47 नए सेक्टर बसाने करने की तैयारी शुरू कर दी है

 

चंडीगढ़ की तर्ज पर बसे पंचकूला शहर का बड़ा विस्तार होने जा रहा है। एचएसवीपी ने जिले में 47 नए सेक्टर बसाने करने की तैयारी शुरू कर दी है। यह सेक्टर पिंजौर-कालका, पंचकूला एक्सटेंशन और रायपुररानी क्षेत्र में बसाए जाएंगे। लैंड पूलिंग स्कीम के तहत शुरू हो रही इस पहल से न सिर्फ स्थानीय लोगों को फायदा मिलेगा, बल्कि चंडीगढ़ और मोहाली के नजदीक सुनियोजित तरीके से घर या कारोबार स्थापित करने के इच्छुक लोगों के लिए भी नए अवसर खुलेंगे। एचएसवीपी की इस योजना से पंचकूला का मौजूदा स्वरूप बदलकर इसे एक बड़े मेट्रोपोलिटन शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ेगा।

47 सेक्टरों का यह विस्तार शहर को हरियाणा के आत्मनिर्भर और भविष्यवादी शहरों की कतार में ला खड़ा करेगा। नए सेक्टरों में कमर्शियल एरिया के विकास से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इससे बड़ी कंपनियों के साथ छोटे कारोबारियों को भी नए अवसर मिलेंगे। तेजी से बढ़ती आबादी के बीच यह योजना चंडीगढ़ और पंचकूला क्षेत्र में हाउसिंग की कमी को दूर करने में भी अहम भूमिका निभाएगी।

एचएसवीपी द्वारा तैयार किया गया 47 सेक्टरों का मास्टर प्लान पंचकूला के सुनियोजित विकास की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। इस ब्लूप्रिंट में संतुलित और समग्र विकास को प्राथमिकता दी गई है, जिससे शहर का विस्तार व्यवस्थित तरीके से हो सके। योजना के तहत 34 रेजिडेंशियल सेक्टर विकसित किए जाएंगे, जहां हजारों परिवारों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त आवास उपलब्ध होगा। 13 कॉमर्शियल सेक्टरों का निर्माण भी होगा जो रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा।

लैंड पूलिंग के तहत जमीन मालिकों को प्लॉट मिलेंगे

लैंड पूलिंग स्कीम जमीन मालिकों के लिए फायदेमंद 47 नए सेक्टरों के इस बड़े प्रोजेक्ट की सबसे खास बात इसका कार्यान्वयन मॉडल-लैंड पुलिंग स्कीम है। यह मॉडल पारंपरिक जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया से अलग है और इसे जमीन मालिकों के लिए अधिक लाभकारी व पारदर्शी बनाया गया है। इस योजना के तहत जमीन अधिग्रहण और एकत्रीकरण की पूरी प्रक्रिया ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन की जाएगी। इससे न केवल प्रक्रिया तेज होगी, बल्कि पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी और किसी तरह की हेराफेरी या अनावश्यक देरी की संभावना खत्म होगी। जमीन मालिकों को उनकी भूमि का उचित प्रतिफल समय पर मिल सकेगा।

योजना के तहत जमीन मालिकों को मिलने वाले फायदे

योजना के तहत, जमीन मालिक को उनकी जमीन के बदले विकसित प्लॉट दिए जाएंगे, जिससे उन्हें भविष्य में होने वाले मूल्य वृद्धि का सीधा लाभमिलेगा। विकसित रेजिडेंशियल प्लॉट जमीन मालिक को उनकी भूमि के एक निश्चित हिस्से के बदले डेवलप किए गए एरिया में एक रेजिडेंशियल प्लॉट दिया जाएगा। कमर्शियल प्लॉट रेजिडेंशियल प्लॉट के अलावा उन्हें एक कमर्शियल प्लॉट भी दिया जाएगा, जो उन्हें आय का एक स्थायी स्रोत प्रदान करेगा। इस योजना का एक खास पहलू यह भी है कि इसमें डीटीपी (डिस्ट्रिक्ट टाउन प्लानिंग डिपार्टमेंट) के अधीन रेरा स्वीकृत कॉलोनियों को भी शामिल किया जाएगा।

एचएसवीपी प्रशासक मोनिका गुप्ता ने बताया कि भूमि एकत्रीकरण योजना के तहत पिंजौर-कालका, पंचकूला एक्सटेंशन और रायपुररानी क्षेत्र में नए सेक्टर विकसित करने का निर्णय लिया गया है। इस एरिया के किसान ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। इस पारदर्शी और आधुनिक प्रक्रिया से न केवल विकास को गति मिलेगी, बल्कि किसानों और जमीन मालिकों का भरोसा भी मजबूत होगा।

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