Roadways Chakka Jam : रोडवेज कर्मचारियों का चक्का जाम, सरकार ने कई कर्मचारियों को किया सस्पेंड
किलोमीटर स्कीम के तहत टेंडर खोले जाने के एलान के बाद पंजाब रोडवेज के कर्मचारियों ने चक्का जाम कर दिया है। दो दिन से पंजाब रोडवेज की बसों का चक्का जाम रहने के कारण यात्रियों को परेशानी आ रही है। इसी बीच में रोडवेज यूनियन के उच्च पदाधिकारियों को सरकार की तरफ से सस्पेंड करने के आदेश दे दिए।
कर्मचारियों को सस्पेंड करने पर रोडवेज कर्मचारियों का गुस्सा बढ़ गया और कर्मचारियों ने चक्का जाम को आगे बढ़ा दिया। इस हड़ताल में पंजाब रोडवेज, पनबस, पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन इसमें शामिल है। सरकारी बस सर्विस बंद होने से पूरे राज्य में ट्रांसपोर्ट सिस्टम में बड़ी रुकावट आई और जनता को लगातार मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
आपको बता दे कि शुक्रवार को पंजाब सरकार ने किलोमीटर स्कीम के तहत टेंडर खोले जाने के एलान और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी यूनियन के नेताओं को हिरासत में लेने के चलते कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी यूनियन भड़क गई और शुक्रवार को सरकारी बसों का चक्का जाम कर दिया। इस बीच हड़ताली कर्मचारियों और सरकार के बीच टकराव और बढ़ गया है। पंजाब सरकार ने हड़ताल में शामिल कई कर्मचारियों को तुरंत सस्पेंड कर दिया है।
यूनियन के टॉप लीडर सस्पेंड
बटाला पंजाब रोडवेज डिपो के मैनेजर के हस्ताक्षर से पांच कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को सस्पेंड करने का मामला सामने आया है। बटाला डिपो के मैनेजर ने सरकार के आदेश पर जिन पांच कर्मचारियों को सस्पेंड किया है, वे यूनियन के टॉप लीडर हैं। रोडवेज डिपो मैनेजर की तरफ से जारी लेटर में लिखा है कि इन कर्मचारियों ने गैर-कानूनी हड़ताल में हिस्सा लेकर डिपार्टमेंट को वित्तीय नुकसान पहुंचाया है और लोगों को परेशानी हुई है।
कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी यूनियन गुस्से में
जिसके कारण डिपार्टमेंट उनके साथ किया गया एग्रीमेंट कैंसिल करता है और सस्पेंशन तुरंत लागू किया जा रहा है। इस बीच पंजाब रोडवेज, पनबस, पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों के सस्पेंशन को लेकर जहां कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी यूनियन गुस्से में है। वहीं सस्पेंड कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों के सपोर्ट में किसान संगठन आगे आए हैं।
बटाला पंजाब रोडवेज पनबस डिपो में दूसरे दिन भी सरकारी बसों का जाम रहा। कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों ने गेट रैली निकालकर सरकार के खिलाफ रोष जताया और मांग की कि सस्पेंशन ऑर्डर तुरंत वापिस लिए जाएं और सरकार कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की मांगें तुरंत माने।

