Haryana Roadways : हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों को राहत, अब ओवरनाइट के मिलेंगे रुपये
रोडवेज कर्मचारियों को ओवरनाइट ड्यूटी का भुगतान मिलने का रास्ता साफ हो गया है। लगभग 500 कंडक्टर और ड्राइवरों में से जिन्होंने ओवरनाइट लगाई थी, उनके पैसे खाते में आने लग गए हैं। कर्मचारियों की प्रतिमाह औसतन 10 नाइट ड्यूटी लगती हैं, लेकिन इनमें से जिन्होंने ओवरनाइट 18, 20 या 25 तक की नाइट लगा दी थी, उनका भुगतान लंबे समय से लंबित था।
कर्मचारियों की मांग पर करनाल महाप्रबंधक के निर्देशानुसार मुख्यालय को इनकी रिपोर्ट बनाकर भेजी गई। इसके बाद बकाया राशि को डिपो के खाते में पहली किस्त का पैसा डाल दिया है। जो विभाग के कर्मचारियों की ओर से कर्मचारियों के खाते में पैसा ट्रांसफर किया जा रहा है, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
एक कर्मचारी को प्रतिमाह 10 नाइट दी जाती रही है, लेकिन 2024 में जिन्होंने अतिरिक्त नाइट लगा दी थी, उन्होंने अपनी मांग के लिए कोर्ट में कैसे कर दिया था, जिसके बाद कर्मचारियों को नाइट अतिरिक्त नाइट के पैसे मिलने लग गए। इसके बाद अब 2025 के पैसे के लिए डिमांड भेज दी गई है। लेकिन जैसे ही विभाग के खाते में पैसे आए उनको एक सप्ताह के अंदर ही तुरंत कर्मचारियों के खाते में डाल दिया गया, क्योंकि उसके बाद मुख्यालय की ओर से अकांउट को कैप लगा दी गई।
अब जैसे ही कैप खुलेगी अगली राशि भी कर्मचारियों के खाते में डाल दिया जाएगा। पूर्व प्रधान कर्ण सिंह मोगा ने बताया कि रोडवेज के ऐसे ड्राइवर व कंडक्टरों जब ओवर नाइट लगाई गई थी, तो रोडवेज महाप्रबंधक के सहयोग से इन नाइटों के पैसे आने शुरू हुए हैं। वहीं, शायद करनाल ही ऐसा जिला होगा, जहां पर सबसे पहले कर्मचारियों को पैसा ट्रांसफर करने का काम किया।
बनाई गई थी पांच सदस्यीय टीम
रोडवेज के कंडक्टर व ड्राइवरों के लिए रुके हुए पैसे के लिए विभाग की ओर से पांच सदस्यीय कमेटी बनाई गई थी। इसके लिए क्लर्क दीपक, अनुराग, प्रधान प्रदीप व हरियाणा रोडवेज मिनिस्ट्रियल यूनियन के पूर्व महासचिव कर्ण सिंह मोगा मौजूद थे, जिन्होंने डाटा बनाकर मुख्यालय भेजा।
कर्मचारियों की दी जा रही राशि
करनाल रोडवेज डिपो के जीएम कुलदीप सिंह ने बताया कि जिन कर्मचारियों ने अतिरिक्त नाइट की हुई थी, उनकी हैडक्वार्टर की ओर से राशि दी जा रही हैं। किसी का पैसा रुकने नहीं दिया जाएगा।

