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NH-44 Interchange : एनएच-44 और 152 पर बनेगा अत्याधुनिक क्लोवर लीफ ट्रंपेट इंटस्चेंज, सफर होगा सुहाना 

शंभू टोल के नजदीक एनएच-44 और 152 के अम्बाला-हिसार बाईपास पर सफर जल्द ही और तेज व सुरक्षित होने वाला है। एनएचएआई यहां दोनों राष्ट्रीय राजमागों के जंक्शन पर अत्याधुनिक क्लोवर लीफ ट्रंपेट इंटस्चेंज का निर्माण करवा रहा है
 

शंभू टोल के नजदीक एनएच-44 और 152 के अम्बाला-हिसार बाईपास पर सफर जल्द ही और तेज व सुरक्षित होने वाला है। एनएचएआई यहां दोनों राष्ट्रीय राजमागों के जंक्शन पर अत्याधुनिक क्लोवर लीफ ट्रंपेट इंटस्चेंज का निर्माण करवा रहा है। इसके बनने से वाहन चालकों को एक हाईवे से दूसरे पर जाने के लिए न तो सर्विस लेन में उतरना पड़ेगा और न कट या यू-टर्न लेने की जरूरत रहेगी। एनएचएआई का दावा है कि यह प्रोजेक्ट 2026 में पूरा कर लिया जाएगा। भविष्य में भारी यातायात को संभालने में यह डिजाइन कारगर साबित होगा।

फिलहाल अम्बाला की ओर से एनएच-44 से 152 पर चढ़ने वाले वाहनों को ओवरब्रिज के साथ-साथ सर्विस लेन से डडियाना कट तक जाना पड़ता है। इसी तरह पंजाब की ओर से आने वाले वाहन जब एनएच-152 से पिहोवा की तरफ जाते हैं, तब भी उन्हें डडियाना कट का सहारा लेना पड़ता है।

अम्बाला से पंजाब की दिशा में जाते हुए एनएच-44 से सीधे एनएच-152 पर चढ़ने का कोई विकल्प नहीं है। रेलवे लाइन की वजह से आगे सर्विस लेन बंद है, इसलिए इन वाहनों को टोल से पहले कट से यू-टर्न लेकर डडियाना कट पहुंचना पड़ता है। यही समस्या पिहोवा-इस्माइलाबाद की ओर से आने वाले वाहनों को एनएच-44 पर चढ़ते - समय झेलनी पड़ती है।

इंटरचेंज बनने के बाद खत्म होगी यह परेशानी

क्लोवर लीफ ट्रंपेट इंटरचेंज बनने से वाहन पत्ते की तरह घुमावदार लूप के गरिए सीधे एक हाईवे से दूसरे पर जा सकेंगे। इससे टर्निंग मूवमेंट आसान होगा, हाई-स्पीड में वाहन चल सकेंगे और ट्रैफिक टकराव काफी हद तक कम हो जाएंगे। एनएचएआई के अनुसार इंटरचेंज पर अलग-अलग रैंप से वाहनों की आवाजाही होने से ट्रैवल टाइम घटेगा, ईंधन की बचत होगी और सड़क सुरक्षा बेहतर होगी। वह जंक्शन पंजाब-हरियाणा के बीच एक अहम राष्ट्रीय मार्ग बिंदु है, जहां से रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं।

गांवों के संपर्क मार्गों में बनाए जा रहे ओवरब्रिज या अंडरपास

एनएचएआई के मुताबिक जब अम्बाला-हिसार हाईवे तैयार किया गया था, तब गांवों के रास्तों को सीधे हाईवे से जोड़ दिया था। इससे संपर्क मार्गों से आने वाले वाहनों के सीधे हाईवे पर आने से हादसे बढ़ने लगे थे। अब इस हाईवे को इस प्रकार से डिजाइन किया गया है कि गांवों के संपर्क मार्गों में ओवरब्रिज या अंडरपास बनाए जा रहे हैं, जिससे सीधे कोई हाईवे पर न आए। इस्माइलाबाद से अम्बाला तक इस पर तेजी से काम चल रहा है। हाईवे के ऊपर आने व नीचे जाने के लिए ओवरबिन के साथ अगल से सर्विस लेन दी जा रही है। यह काम भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा।

क्लोवर लीफ ट्रंपेट इंटरचेंज इसलिए खास

एनएच-44 और एनएच-152 का सीधा और निर्बाध कनेक्शन
सर्विस लेन, कट और यू-टर्न की जरूरत खत्म
हाई स्पीड ट्रैफिक के लिए बेहतर डिजाइन
ट्रैवल टाइम, ईंधन की बचत
दुर्घटनाओं और ट्रैफिक टकराव में कमी
भविष्य के भारी ट्रैफिक को संभालने में सक्षम

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