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प्रांत व्यवस्था खत्म, राज्य में 5 संभाग बनाए जाएंगे, संघ संगठनात्मक ढांचे में बड़ा परिवर्तन कर रहा है

 

RNE Network.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ( आरएसएस ) संगठनात्मक ढांचे में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। देशभर में 46 प्रान्तों के स्थान पर 85 संभाग बनाये जाएंगे।
 

राजस्थान में जयपुर, जोधपुर, चितौड़गढ़, कोटा और बीकानेर पांच संभाग होंगे। प्रान्त प्रचारक की जगह अब संभाग प्रचारक होंगे। राज्य में अभी संघ का कार्य जयपुर, जोधपुर और चितौड़गढ़ तीन प्रान्तों में विभाजित है। यह निर्णय हाल ही में हरियाणा में हुई अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक में लिया गया। 
 

राजस्थान क्षेत्र के क्षेत्र संघचालक डॉ रमेश अग्रवाल ने मीडिया को बताया है कि नई संरचना में राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, जम्मू, उत्तर प्रदेश और पंजाब को मिलाकर एक क्षेत्र बनाया जायेगा। इसका उद्देश्य संगठन में माइक्रो मैनेजमेंट को मजबुत करना, छोटी इकाईयों पर ज्यादा फोकस करना और निचले स्तर तक निर्णय क्षमता बढाना है।
 

उन्होंने बताया कि प्रदेश में अभी 12109 शाखाएं है और 5950 मिलन कार्यक्रम संचालित हो रहे है। पिछले एक साल में 1352 शाखाएं बढ़ी है। विजयादशमी से पहले इनकी संख्या में सवा से डेढ़ गुना तक बढ़ोतरी की जाएगी।
 

दो मुद्धों पर संघ का स्पस्ट रुख:
 

1.. परिवार बढ़े, संतुलन बने :: सरसंघचालक मोहन भागवत ने तीन या अधिक बच्चों की जरूरत बताई है। डॉ अग्रवाल ने कहा कि चार से पांच बच्चे भी चलेंगे, क्योंकि संतुलन बेहद जरूरी है।
2.. जातिगत बांटने का विरोध :: संघ का स्पष्ट मानना है कि यदि अच्छे शासन के लिए जातिगत जनगणना होती है तो कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन इसका उद्देश्य जातिगत बांटने पर होगा तो संघ विरोध करेगा।

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