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Uchana Assembly : 150 पोस्टल बैलेट पेपर उलछी उचाना विधायक देवेंद्र अत्री व बृजेंद्र सिंह की किस्मत, अत्री को सुप्रीम कोर्ट से लगा झटका 

बृजेंद्र सिंह ने कहा था कि 215 कैंसिल वोट में अकेले 150 वोट तो ऐसे थे जिनके लिफाफे को खोला ही नहीं गया
 

हरियाणा की हॉट सीट जानी जाने वाली उचाना विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक देवेंद्र अत्री को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह के बेटे पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह द्वारा हाईकोर्ट में दायर की गई बैलेट पेपर की दोबारा गिनती की मांग को सही मानते हुए सुप्रीम कोर्ट ने देवेंद्र अत्री की याचिका को खारिज कर दिया।

अब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की तरफ से इस मामले में फैसला किया गया है। अगर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट दोबारा से बैलेट पेपर की गिनती को स्वीकार कर लेता है तो विधायक देवेंद्र अत्री व बृजेंद्र सिंह ककी किस्मत केवल 150 वोट में उलछी हुई है। बृजेंद्र सिंह ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी कि उचाना विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी देवेंद्र अत्री को 48 हजार 968 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस की टिकट पर बृजेंद्र सिंह को 48 हजार 936 वोट हासिल किए थे।

ऐसे में दोनों की हार जीत का अंतर मात्र 32 वोट थे। इस चुनाव की गिनती की दौरान 600 के करीब बैलेट पेपर की गिनती की गई थी। इस दौरान 215 बैलेट पेपर को रिजेक्ट कर दिया। याचिका में बृजेंद्र सिंह ने कहा था कि 215 कैंसिल वोट में अकेले 150 वोट तो ऐसे थे जिनके लिफाफे को खोला ही नहीं गया। इन वोट को नहीं खोलने का तर्क यह दिया गया कि पोस्टल बैलेट के लिफाफे के ऊपर जो स्कैनर था, उनकी स्कैनिंग नहीं हो पा रही थी।

ऐसे में स्कैनिंग नहीं होने के कारण उनको बिना लिफाफा खोले ही उनको रिजेक्ट के डिब्बे में डाले गए। जिन वोटों की स्कैनिंग नहीं होती तो उन लिफाफों को कैसे खोलना है, इसकी भी प्रक्रिया है, जो गिनती के दौरान नहीं की गई। वोटों की जीत-हार का अंतर मात्र 32 वोटों का है, इसलिए यह काउंटिंग जरूरी थी।

इस मामले की पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट मे तेजी से सुनवाई चल रही थी, लेकिन इसी बीच में उचाना से भाजपा विधायक देवेंद्र अत्री बैलेट पेपर की गिनती को रोकने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चले गए थे। उस समय सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका को स्वीकार कर लिया था और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की सुनवाई पर आगामी आदेशों तक रोक लगा दी।

बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए भाजपा विधायक देवेंद्र अत्री की याचिका को खारिज कर दिया और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट को  आगामी तिथि देने का अधिकार दे दिया। अब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा इस मामले की सुनवाई की जाएगी। आपको बता दे कि जो 215 पोस्टल  वोट है वह सरकारी कर्मचारियों के हैं। 
 

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