wage Increase : हरियाणा सरकार ने श्रमिकों की कर दी मौज, न्यूनतम मजदूरी को 35 प्रतिशत तक बढ़ाया
हरियाणा सरकार ने प्रदेश के श्रमिकों की मौज कर दी है। प्रदेश सरकार की तरफ से मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी में 35 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। हालांकि एक दिन पहले ही कैबिनेट की बैठक में न्यूनतम मजदूरी ढ़ाने का फैसला लिया था और सरकार की तरफ से लिए गए फैसले की अधिसूचना भी तुरंत प्रभाव से जारी कर दी है। बढ़ी हुई दरें एक अप्रैल से लागू होंगी।
अधिसूचना में यह मासिक के साथ प्रतिदिन की न्यूनतम मजदूरी भी स्पष्ट की गई है। ईंट भट्ठों पर काम करने वाले श्रमिकों के लिए लागू होने वाली मजदूरी की दरें अलग से अधिसूचित की जाएंगी। पुरुष और महिला कामगारों की मजदूरी में कोई अंतर नहीं होगा। यानी दोनों को समान मजदूरी मिलेगी।
खास बात यह है कि प्रतिदिन की मजदूरी की गणना करते समय, मासिक मजदुरी को 26 दिनों से भाग दिया जाएगा। यदि कोई कटौती करनी हो, तो उसकी गणना मासिक मजदूरी को 30 दिनों से भाग देकर की जाएगी। प्रशिक्षु श्रमिक को उस श्रेणी के लिए लागू मजदूरी का 75 फीसदी भुगतान किया जाएगा, लेकिन यह राशि अकुशल मजदूरों की श्रेणी के लिए तय न्यूनतम मजदूरी से कम नहीं होगी। क्योंकि अकुशल मजदूर को किसी प्रशिक्षण की आवश्यकता नहीं होती है। प्रशिक्षण की अवधि एक वर्ष से अधिक नहीं होगी।
श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा, 'श्रमिकों की मजदूरों बढ़ने से उनकी स्थिति ठीक होगी। इससे लाखों श्रमिकों को फायदा होगा। न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी को लेकर कमेटी का गठन किया गया था। श्रमिकों की 35 प्रतिशत मजदूरी बढ़ी है।'
ये होगी न्यूनतम मजदूरी
मजदूरी अकुशल 585.41 रुपए
अर्ध-कुशल 645.41 रुपए
कुशल 711.56 रुपए
अत्यधिक कुशल 747.14 रुपए

