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New Rail Line : राजस्थान में बनेगी नई रेल लाइन, अगले साल जून तक होगा फाइनल लोकेशन सर्वे

नई रेल लाइन के लिए  रेलवे ने 2.40 करोड़ किए थे स्वीकृत
 

राजस्थान के सिरोही जिले को रेल नेटवर्क से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जहां पर नई रेलवे लाइन के निर्माण के लिए सर्वे होगा। इसमें जिन किसानों की जमीन रेलवे लाइन में आएगी, उनको अधिग्रहण किया जाएगा। जहां पर किसानों को मुआवजे के दौरान मोटी राशि दी जाएगी। सिरोही जिले को रेलवे लाइन से जोड़ने को लेकर बहुप्रतीक्षित मारवाड़ बागरा (जालोर) - सिरोही- स्वरूपगंज नई रेल लाइन का फाइनल लोकेशन सर्वे जून 2026 तक पूर्ण होने की उम्मीद हैं।

इस सर्वे में सबकुछ ठीक रहा तो सिरोही जिला मुख्यालय रेलवे लाइन से जुड़ सकेगा। पिंडवाड़ा के आरटीआई कार्यकर्ता की ओर से रेलवे से मांगी गई प्रगति रिपोर्ट की जानकारी चाहने पर रेलवे ने यह जानकारी दी। सर्वे के लिए रेल मंत्रालय ने इस साल जून में 2.40 करोड़ की राशि स्वीकृत की थी। इससे पहले भी सिरोही मुख्यालय को रेल लाइन से जोड़ने के लिए दो बार सर्वे हो चुका, लेकिन अब फाइनल लोकेशन सर्वे को पांच महीने पहले हरी झंडी मिल पाई है।

हालांकि अभी सिरोही के बाशिंदों में इस बात को लेकर असमंजस है की प्रस्तावित रेललाइन परियोजना के तहत सिरोही शहर में रेलवे स्टेशन बनेगा या दूर सिरोही की सीमा में। यह सर्वे के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा, लेकिन सिरोही को रेल लाइन से जोड़ने की कवायद को लेकर लोगों में खुशी है।

पहले पिंडवाड़ा से सर्वे, अब स्वरूपगंज से प्रस्तावित

पहला सर्वे 2016 में मारवाड बागरा-सिरोही-पिंडवाड़ा के लिए हुआ था, जिसमें 96.40 किलोमीटर रेललाइन प्रस्तावित थी। इसमें 10 नए स्टेशन बनने थे। यह परियोजना 1526.71 करोड़ की थी। दूसरा सर्वे वर्ष 2017 में उदयपुर के पास खरवाचंदा स्टेशन से पिंडवाड़ा वाया सिरोही-जालोर के लिए हुआ था। इसके बाद रेललाइन का मामला करीब 9 साल तक फाइलों में बंद रहा। अब सांसद लुंबाराम के प्रयास से जून 2016 में रेलवे ने फिर से स्वरूपगंज सिरोही-मारवाड़ बागरा रेललाइन के फाइनल लोकेशन सर्वे को स्वीकृति प्रदान की।

सपना जल्द होगा पूरा

आजादी के 78 साल बाद सिरोही जिला मुख्यालय का रेल सेवा से जुड़ने का सपना जल्द पूरा होने की उमीद जगी है। केन्द्र सरकार ने राज्य के आदिवासी बहुल क्षेत्र में रेल सपर्क को मजबूत बनाने व सिरोही जिला मुख्यालय को रेल सेवा से जोड़ने के लिए 9 जून को मारवाड़-बागरा (जालोर)-सिरोही-स्वरूपगंज (96 किलोमीटर) नई रेल लाइन के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे के लिए स्वीकृति प्रदान कर दी। रेल मंत्री ने इसकी घोषणा की थी। सर्वे के बाद डीपीआर तैयार की जाएगी।

आर्थिक, व्यापारिक व औद्योगिक लाभ

यह रेल लाइन संगमरमर, ग्रेनाइट, सीमेंट, खाद्यान्न व उर्वरक तथा अन्य व्यापारिक वस्तुओं का कुशल परिवहन करने में सहायक होगी। क्षेत्र के औद्योगिक केंद्रों व मंडियों से सीधा संपर्क होगा, जिससे व्यावसायिक गतिविधियों को गति मिलेगी। कृषि व खनन आधारित उद्योगों को लाभ मिलेगा। सिरोही में स्थित सीमेंट उद्योगों को परिवहन सुविधा का लाभ मिलेगा। वर्तमान में सिरोही जिला मुयालय रेल सेवा से वंचित है।

यह परियोजना राजस्थान के आदिवासी बहुल क्षेत्र सिरोही को भारतीय रेल नेटवर्क से जोड़ते प्रत्यक्ष व प्रभावी कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगी। इस लाइन के निर्माण से क्षेत्र में आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही क्षेत्र के निवासियों का जीवन स्तर भी बहेतर होगा। क्षेत्र में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से अनेक तरह के रोजगार के अवसरों का सृजन होगा।

यात्रियों के लिए सुविधाजनक तथा तीव्र यात्रा का विकल्प उपलब्ध कराएगी, जिससे यात्रा का समय कम होगा तथा सुविधा में विस्तार होगा। क्षेत्र के निवासियों को राजस्थान के प्रमुख शहरों के साथ-साथ अहमदाबाद, मुंबई व दिल्ली जैसे बड़े शहरों के साथ रेल संपर्क की सुविधा प्रदान करेगी। सांसद का प्रयास लाया रंग सिरोही को रेल सेवा से जोड़ने के लिए लंबे समय से जनता मांग कर रही थी। जनप्रतिनिधि भी लगातार प्रयासरत थे।

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