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Sleeper Vande Bharat Express : स्लीपर वंदेभारत एक्सप्रेस ट्रेन में यात्रियों को मिलेगी फाइव स्टार सुविधाएं, डेढ़ हजार किमी की दूरी तय होगी बिना थकान के 

देश की पहली सेमी- हाईस्पीड स्लीपर वंदेभारत एक्सप्रेस ट्रेन फाइव स्टार सुविधाओं से लैस होगी। स्लीपर वंदेभारत ट्रेन दौड़ने के लिए पूरी तरह से तैयार हो चुकी है
 

देश की पहली सेमी- हाईस्पीड स्लीपर वंदेभारत एक्सप्रेस ट्रेन फाइव स्टार सुविधाओं से लैस होगी। स्लीपर वंदेभारत ट्रेन दौड़ने के लिए पूरी तरह से तैयार हो चुकी है। यात्रियों को लंबी दूरी के सफर में अधिक आराम व सुविधा देने के उद्देश्य से रेलवे ने इसका डिजाइन पूरी तरह नए सिरे से विकसित किया है। एक से डेढ़ हजार किलोमीटर तक की दूरी बिना थकान तय हो सके, इसी सोच के साथ स्लीपर वंदेभारत को आकार दिया है।

अब तक दो स्लीपर रैक तैयार किए जा चुके हैं, जबकि चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आइसीएफ) में 50 रैक निर्माणाधीन हैं। रेलवे की योजना चालू वर्ष में 10 से 12 स्लीपर वंदेभारत ट्रेनों को ट्रैक पर उतारने की है। पहली स्लीपर वंदेभारत गुवाहाटी-कोलकाता रूट पर दौड़ेगी। इसके बाद तैयार हो रही वंदेभारत ट्रेनें हरियाणा समेत उत्तर भारत के ट्रैक पर भी दिखाई देंगी। फिलहाल दिल्ली-कटरा रूट पर चेयरकार वंदेभारत संचालित हो रही हैं, जबकि भविष्य में लंबी दूरी को देखते हुए यहां स्लीपर वंदेभारत चलाने की संभावना है।

नया डिजाइन, नई तकनीक और ज्यादा आराम 

स्लीपर वंदेभारत में  यात्रियों की सुविधा के लिए कई अहम बदलाव किए गए हैं। कोचों - को जोड़ने वाले सेमी-आटोमेटिक - कपलर नए डिजाइन के होंगे, जिससे ट्रेन के चलने और रुकने के दौरान झटके महसूस नहीं होंगे। लोको पायलट का केबिन अत्याधुनिक बनाया गया है।

शौचालयों का नया डिजाइन पानी की बचत करेगा। सुरक्षा के लिहाज से पूरे कोच में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। लंबी दूरी की यात्रा को ध्यान में रखते हुए पेंट्री और सफाई स्टाफ के लिए भी अलग बर्थ की व्यवस्था की गई है, ताकि सेवा में किसी तरह की बाधा न आए। 

182 किमी प्रतिघंटा की सफल ट्रायल स्पीड

हाल ही में स्लीपर वंदेभारत का स्पीड ट्रायल किया गया, जिसमें ट्रेन ने 182 किमी प्रति घंटे की रफ्तार हासिल की। ट्रायल के दौरान इंजन पर रखे पानी से भरे गिलास भी नहीं छलके, जो इसकी स्मूद रनिंग क्षमता को दर्शाता है। 16 कोच की स्लीपर ट्रेन में 860 बर्थ होंगी, जबकि 20 कोच में 1076 और 24 कोच की ट्रेन में 1292 बर्थ उपलब्ध रहेंगी। पहला रैक बेंगलुरु की बीईएमएल ने तैयार किया है, जबकि शेष निर्माण आईसीएफ चेन्नई में होगा। कुल 1500 कोच तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।

फाइव-स्टार सुविधाओं से लैस

चार्जिंग साकेट, रीडिंग लाइट, स्नैक टेबल, बायो-वैक्यूम टच-फ्री टायलेट, फर्स्ट एसी में गर्म पानी का शावर, जीपीएस आधारित एलईडी डिस्प्ले और अनाउंसमेंट सिस्टम, आन-बोर्ड इंफोटेनमेंट, सेंट्रलाइज्ड कोच मानिटरिंग, फायर डिटेक्शन व कोलिजन अवायडेंस सिस्टम जैसी आधुनिक सुविधाएं स्लीपर वंदेभारत को खास बनाती हैं। ओएचई फेल होने की स्थिति में तीन घंटे का इमरजेंसी बैकअप भी उपलब्ध रहेगा।

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