जीत की खुशी, मातम में बदली : बहू सरपंच बनी, ससुर की अटैक से मौत, राहगीर कुचला गया!
Bikaner 01 जीत, 02 मातम : खाजूवाला 8KYD में सुखप्रीत सरपंच बनी, ससुर की हार्ट अटैक से मौत, काफिले के सामने एक्सीडेंट से एक शख्स की मौत!
Bikaner 01 जीत, 02 मातम : खाजूवाला 8KYD में सुखप्रीत सरपंच बनी, ससुर मलकीतसिंह की हार्ट अटैक से मौत, जहां से काफिला गुजरा वहां भी एक्सीडेंट से राजेन्द्र बेनीवाल नामक शख्स की मौत!
Rudra News Express Khajuwala-Bikaner.
राजस्थान पंचायत चुनाव के पहले चरण में सरपंचों की जीत की खुशियों के बीच एक ऐसी खबर आई है जहां जीत की खुशी कुछ ही देर में मातम में बदल गई। घटना है बीकानेर जिले की खाजूवाला पंचायत समिति में 8KYD गांव की।

सुखप्रीत बनी सरपंच, कुछ देर ही रही खुशी :
कल देर शाम वोटिंग के बाद आए नतीजों में 8 KVD की सरपंच सुखप्रीत कौर मान जीती। घर सहित पूरे गांव में खुशियां मनाई जा रही थी। खुशी के ऐसे ही पलों में नाचते-कूदते सुखप्रीत समर्थकों के साथ घर पहुंची। सुखप्रीत के ससुर मलकीतसिंह मान राजनीतिक रूचि और दबदबे वाले आदमी और सरपंच चुनाव के रणनीतिकार रहे।

खुश थे ससुर, अटैक आ गया :
मलकीतसिंह जीत पर बहुत खुश थे लेकिन अचानक देर रात तबीयत असहज हुई। उन्हें खाजूवाला के हॉस्पिटल ले गए जहां कुछ ही देर में चिकित्सकों ने हार्ट अटैक से मौत की पुष्टि कर दी। जहां खुशियों के नाच हो रहे थे वहाँ रुदन और चीत्कार पसर गया। मलकीतसिंह के परिजनों ने बताया कि उन्हें पहले कभी भी हार्ट की दिक्कत नहीं रही थी। पिछले दो दिन से हलका बुखार जरूर था।
जिस रास्ते से काफिला गुजरा, वहाँ भी एक्सीडेंट से मौत :
सुखप्रीत की जीत के बाद उसका काफिला घर की तरफ आ रहा था। जीत की खुशी में नाचते-कूदते आ रहे समर्थकों की खुशी तब काफूर हो गई जब रास्ते में खड़ा एक व्यक्ति राजेन्द्र कुमार बेनीवाल ट्रेक्टर से कुचल गया और उसकी मौत हो गई। हालांकि अभी इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि जिस ट्रेक्टर से शख्स कुचला गया वह जीत वाले काफिले का था या कोई दूसरा।
770 वोट से जीती सुखप्रीत, ऐसा रहा 8 KYD में चुनाव :
खाजूवाला पंचायत समिति के 8KYD में सरपंच पद के लिए 03 प्रत्याशी मैदान में थी। इस सामान्य महिला वार्ड में शबनम बानो, सुखप्रीत कौर और सुलोचना मैदान में थीं। यहाँ कुल 2943 में से 2516 वोट पड़े। इनमें से सुखप्रीत कौर ने 1404 वोट लेकर जीत दर्ज की। दूसरे स्थान पर शबनम रही जिसे 634 वोट मिले। ऐसे में ससुर मलकीत सिंह के व्यवहार और मेहनत के परिणामस्वरूप 770 वोट की बड़ी जीत मिली। अभी ये खुशी मना ही नहीं पाए कि मलकीतसिंह का अचानक निधन हो गया।

