Rajasthan New Project : केंद्र ने दिल्ली से राजस्थान तक 164 किमी लंबे रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम को दी मंजूरी, बनेंगे 22 स्टेशन
राजस्थान से वाया हरियाणा होते हुए दिल्ली का सफर फर्राटेदार होने वाला है। केंद्र सरकार की तरफ से हरियाणा व राजस्थान के लोगों को नए नमो भारत रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) की मंजूरी दे दी है। यह प्रोजेक्ट दिल्ली से शुरू होकर हरियाणा से होते हुए राजस्थान के बहरोड़ तक जाएगा। इसके बाद राजस्थान से दिल्ली का सफर घंटों की बजाए मिनटों में हो जाएगा।
केंद्र सरकार की तरफ से 164 किमी लंबे रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम को मंजूरी दी गई है। इस प्रोजेक्ट को दो चरण में पूरा किया जाएगा इस प्रोजेक्टर पर 37 हजार करोड़ रुपये की राशि की मंजूरी दी गई है। रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम प्रोजेक्ट को दो चरण में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में इसको फेज सराय काले खां से बवाल तक बनाया जाएगा।
हालांकि पहले इसको धारुहेड़ा तक मंजूर दिया था, लेकिन हरियाणा सरकार के अनुरोध पर केंद्र सरकार की तरफ से इसको बवाल तक बढ़ा दिया है। इसके बाद दूसरे चरण में बवाल से राजस्थान के बहरोड़ तक रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम की लाइन को बिछाया जाएगा।
164 किमी लंबे रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम पर 22 स्टेशन होंगे
केंद्र सरकार की तरफ से दिल्ली से राजस्थान तक मंजूर किए गए रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम के लिए पूरा प्लान तैयार कर लिया गया है। 164 किलोमीटर लंबे प्रोजेक्ट पर कुल 22 स्टेशन बनाए जाएंगे। इसमें पांच स्टेशन का निर्माण अंडरग्राउंड किया जाएगा। इसमें यह स्टेशन हरियाणा व राजस्थान के शहरों में होने वाले है।
बवाल में बनेगा टर्मिनल स्टेशन
नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC) की तरफ से इस प्रोजेक्ट का निर्माण किया जा रहा है। दिल्ली के सराय काले खां से मानेसर, रेवाड़ी और अलवर को जोड़ने वाले इस रैपिड रेल कॉरिडोर की कुल लंबाई 164 किलोमीटर होगी। इस पूरे रूट पर 22 स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें से 5 स्टेशन भूमिगत होंगे। बावल में इस रैपिड रेल का टर्मिनल स्टेशन बनाया जाएगा, जिससे औद्योगिक क्षेत्रों और रिहायशी इलाकों को बड़ा फायदा मिलेगा।

