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गहलोत की गुर्राहट को हलकी-से मुस्कुराहट में टाल कर ये बोले सचिन-मोहब्बत की दुकान खोलें

 
RNE Jaipur
राजस्थान कांग्रेस में एक बार फिर अशोक गहलोत और सचिन पायलट के पुराने राजनीतिक मतभेद चर्चा में हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा हाल ही में दिए गए तीखे बयानों के बाद कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने करौली की जनसभा में बेहद संयमित और संतुलित प्रतिक्रिया दी।
पायलट ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि उनका किसी भी व्यक्ति से व्यक्तिगत विवाद नहीं है। विचारों में मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन मन में कटुता नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीति में भाषा और व्यवहार की मर्यादा बनाए रखना जरूरी है, क्योंकि मुंह से निकले शब्द वापस नहीं आते।

Sachin Pilot

नफरत नहीं, मोहब्बत की दुकान खोलनी चाहिए’ : 
करौली में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए पायलट ने कहा कि देश और समाज को जोड़ने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि राजनीति में नफरत के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए, बल्कि “मोहब्बत की दुकान” खोलने का प्रयास होना चाहिए। पायलट का यह बयान गहलोत के हालिया हमलों के जवाब के रूप में देखा जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति की आंखों में देखकर बात की जाए तो आसानी से समझा जा सकता है कि कौन सच बोल रहा है और कौन झूठ।

Ashok Gehlot

गहलोत ने फिर छेड़ा था पुराना विवाद
इससे पहले अशोक गहलोत ने 25 सितंबर 2022 के राजनीतिक घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए सचिन पायलट पर निशाना साधा था। गहलोत का कहना था कि उस समय कांग्रेस विधायकों का विरोध पार्टी आलाकमान के खिलाफ नहीं, बल्कि सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावना के खिलाफ था।
गहलोत ने यह भी कहा था कि उन्होंने पायलट को केंद्रीय मंत्री बनवाने में भूमिका निभाई थी, लेकिन पायलट कभी सार्वजनिक रूप से इसका उल्लेख नहीं करते। उनके इस बयान ने कांग्रेस के भीतर पुराने विवादों को फिर से चर्चा में ला दिया।
पार्टी हित को प्राथमिकता देने का संदेश
हालांकि, सचिन पायलट ने अपने संबोधन में किसी भी प्रकार की प्रत्यक्ष प्रतिक्रिया देने से बचते हुए सकारात्मक राजनीति का संदेश दिया। उनके बयान से यह संकेत मिला कि वे व्यक्तिगत विवादों को तूल देने के बजाय संगठन और पार्टी की मजबूती पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं।
राजस्थान कांग्रेस में लंबे समय से चली आ रही गहलोत-पायलट खींचतान के बीच पायलट का यह नरम और संतुलित रुख राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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