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Bikaner Mayor Election : 09 निर्दलीय के फोटो जारी कर सुरेन्द्रसिंह शेखावत ने मचाया हड़कंप!

Bikaner Mayor Election : बहुमत वाली कांग्रेस में बागी तो राजी हुआ लेकिन सुरेन्द्रसिंह ने 09 निर्दलीय के फोटो जारी कर हड़कंप मचाया, क्रॉस वोटिंग का खतरा!

 

Rudra News Express Bikaner. 

राजस्थान के पालिका चुनाव की सियासत में इस बार ‘धरपकड़’ का बड़ा खेल साफ दिख रहा है। प्रदेशभर में कांग्रेस के कैंपों मंे पुलिस के छापे पड़ रहे हैं। बीकानेर से कांग्रेस पार्षदों के जैसलमेर कैंप में भी पुलिस पहुंचने का आरोप लगा है। हालांकि बीकानेर की चुनावी गणित एकदम साफ दिख रही है। यहां कांग्रेस को 42 सीटों के साथ पूर्ण बहुमत हासिल है। भाजपा 27 सीटों के साथ बहुत पीछे हैं। इसके बावजूद 09 निर्दलीय और एक आरएलपी के समर्थन के लिए जी-तोड़ कोशिश हो रही है।

फोटो


कांग्रेस के बागी नवरतन डागा मैदान से हटने के बाद कांग्रेस अभी थोड़ी आश्वस्त ही हुई थी कि भाजपा के सुरेन्द्रसिंह शेखावत 09 निर्दलीय का फोटो जारी कर कहा है ‘भाजपा के साथ’। इस फोटो ने हड़कंप मचा दिया है। वजह साफ है, यदि 09 निर्दलीय भाजपा के साथ होते हैं तो पार्टी के 27 पार्षद मिलाकर भले ही बहुमत हासिल करने की स्थिति में नहीं आए लेकिन आंकड़ा 36 तक पहुंच सकता है। राजस्थान में जिस तरह की धरपकड़ चल रही है उसे देखते हुए अगर कांग्रेस खेमे के असंतुष्टों मंे से 05 वोट क्रॉस हो जाए तो कांग्रेस की पूरी बाजी पलट सकती है। कांग्रेस के मनोज बिश्नोई को बीडीए का अंतिम नोटिस, नवरतन डागा की बगावत और वापसी, मेयर पद के प्रत्याशी के नाम पर सर्वसम्मति नहीं होना अल्पसंख्यक पार्षदों का दर्द आदि ऐसे मुद्दे हैं जो कांग्रेस के लिए चिंता का विषय है।

हालांकि ऐसा नहीं है कि भाजपा में सबकुछ ठीक है। वहां भी बहुमत नहीं होने के बावजूद मेयर प्रत्याशी बनने के लिये काफी घमासान हुआ। इसी घमासान में सुरेन्द्रसिंह का नाम तय हुआ। कई पार्षद इससे नाराज है। यह नाराजगी कहां तक जाती है इसका अनुमान अभी नहीं लगाया जा सकता लेकिन अगर सुरेन्द्रसिंह ने निर्दलीय का फोटो सार्वजनिक किया है तो कहीं न कहीं इसका मतलब यह है वे यह फोटो दिखाकर कुछ और ताकत बटोरना चाहते हैं। यानी उनके पास अभी आंकड़ा पूरा नहीं है। मेसेज कुछ ऐसा लगता है "हमें रेस से बाहर समझकर दूरी मत बनाओ। अब भी समय है हमारे पास चले आओ।"

कॉंग्रेस

 

भाजपा पर सरकार के दुरुपयोग का आरोप:

पूरे राजस्थान से ऐसी तस्वीरें और वीडियो सामने आ रहे हैं जिसमें साफ लग रहा है कि कांग्रेस की बाड़ेबंदी में पुलिस पहुंच रही है। एक-एक पार्षद को बुलाकर देखना चाह रही है। उनके परिजनों का हवाला देते हुए कह रही है, आपके अपहरण क रिपोर्ट लिखवाई है। पुलिस उन्हें अपने साथ ले जाना चाहती है लेकिन कांग्रेस के पार्षद एकजुट होकर विरोध करते दिख रहे हैं।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली लगातार ऐसे वीडियो फोटो शेयर कर सरकार-भाजपा पर हमला कर रहे हैं। इस बीच संगरिया के विधायक अभिमन्यु पूनिया ने भी पंजाब में पहुंची संगरिया पुलिस का वीडियो जारी किया है। वहां संगरिया के पार्षद मौजूद थे। इनमें से दो पार्षदों को पुलिस अपने साथ ले जाना चाहती थी। कहा, आपके परिजनों ने अपहरण का अरोप लगाया है। काफी हंगामे के बीच इन दोनों पार्षदों ने सबकी मौजूदगी में वीडियो बयान दिया कि वे अपनी मर्जी से इस कैंप में हैं।

दरअसल पार्षद चुनाव के नतीजों के बाद बाद मेयर-डिप्टी मेयर चुनाव के बीच लंबा अंतराल रखने के साथ ही लगभग यह तय हो गया था कि यह अवधि ‘तोड़फोड़’ में काम आएगी। इसमें सत्ता का उपयोग या दुरुपयोग होने की आशंकाओं के आरोप भी पहले से ही लग रहे हैं। ऐसे मंे अब देखना यह है कि बीकानेर मंे पूर्ण बहमत के बाद भी कांग्रेस अपना बोर्ड बनाने मंे सक्षम हो पाती है या नहीं। बस, यहीं से कांग्रेस मंे घबराहट बढ़ गई है। पूर्व मंत्री बी.डी.कल्ला, शहर अध्यक्ष मदनगोपाल मेघवाल, देहात अध्यक्ष बिशनाराम सियाग के साथ ही मेयर के प्रत्याशी अनिल कल्ला और उनके निकटस्थ आशंकित होने लगे हैं।

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