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Bikaner : कांग्रेस में सुलगी बगावत की चिंगारी, क्रॉस वोटिंग का मामला सुलझाना हाईकमान के लिए भी आसान नहीं!

 

मुस्लिम वोट बैंक के कारण मामला गंभीर हुआ, डोटासरा की एंट्री, नोखा विधायक सुशीला डूडी भी नाराज मुस्लिम नेताओं के साथ

बीकानेर नगर निगम के चुनाव के बाद कांग्रेस के भीतर सुलगी विद्रोह की चिंगारी अब विस्तार पाने लग गयी है। मुस्लिम नेताओं की नाराजगी कांग्रेस के नेताओं को ज्यादा परेशान किये हुए हैं। इस वोट बैंक की बात को प्रदेश कांग्रेस ने भी गंभीरता से लिया है और निष्पक्ष जांच के बाद उचित व कठोर कार्यवाही का आश्वासन पार्टी के मुस्लिम नेताओं को दिया है। इन नाराज नेताओं के साथ नोखा विधायक सुशीला रामेश्वर डूडी है। बात आलाकमान तक पहुंच गई है।

मधु आचार्य ' आशावादी '

राज्य के 10 नगर निगमों में से भाजपा ने 9 में विजय हासिल की, उसे सिर्फ बीकानेर नगर निगम में ही हार का सामना करना पड़ा। भाजपा के विजय रथ को बीकानेर में रोकने के काम दिग्गज कांग्रेस नेता डॉ बी डी कल्ला ने किया और युवा कांग्रेस नेता अनिल कल्ला को मेयर बनवाया। बात यहीं तक सीमित नहीं है, पूरे राज्य में भाजपा ने कांग्रेस व निर्दलीय पार्षदों को बड़ी संख्या में तोड़कर अपने साथ मिलाया और मेयर बनाया।

अनिल कला मेयर

मगर बीकानेर में कांग्रेस ने ही भाजपा के पार्षद दल को तोड़ दिया। बहुमत होने के बावजूद बीकानेर में कांग्रेस ने अपने 8 वोट बढ़ा लिए। निगम में कांग्रेस के 80 में से 42 पार्षद जीते थे, जो स्पष्ट बहुमत था। किंतु मेयर के चुनाव में कांग्रेस को 80 में से 50 मत मिले, यह भाजपा को करारा झटका था, जिसकी गूंज पूरे प्रदेश में हुई। 

मेयर के अगले दिन डिप्टी मेयर का चुनाव हुआ। कांग्रेस पार्षद दल के भीतर जबरदस्त टकराहट हुई और बाद में यह तय हुआ कि किसी मुस्लिम को इस पद के लिए उम्मीदवार बनाया जाये। नाम नसीम बानो का तय हुआ, जो मुस्लिम होने के साथ महिला भी थी। मगर निर्णय उल्टा आया। पहले दिन मेयर जीताने वाली कांग्रेस यह चुनाव हार गई और भाजपा जीत गयी। नसीम बानो को कांग्रेस के 42 वोट भी नहीं मिले, अन्य वोटों की बात छोड़ भी दे तो यह बड़ा सेड बैक था।

नसीम

कांग्रेस की जीत में यहीं किरकिरी पड़ गयी और सिर फुटौव्वल जारी हो गयी। नसीम बानो दिग्गज मुस्लिम नेता व वरिष्ठ कांग्रेसी नेता गुलाम मुस्तफा की पुत्रवधू भी है। मुस्लिम नेता इस हार से गुस्से में आ गए और उन्होंने नेताओं के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उनका आरोप था कि मुस्लिम उम्मीदवार को जानबूझकर हराया गया। आरम्भ में तो कांग्रेस के इन मुस्लिम नेताओं ने पूर्व व पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से चुनाव अलग से लड़ने की भी घोषणा कर दी। अब तो यह विवाद दिल्ली दरबार तक पहुंच गया है।

बगावत

किसने कराई क्रॉस वोटिंग, बड़ा सवाल : 

मुस्लिम नेताओं और पार्टी संगठन के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर डिप्टी मेयर के चुनाव में क्रॉस वोटिंग किसने कराई। बिना कुछ नेताओं के दखल व इंटरेस्ट के बड़े पैमाने पर क्रॉस वोटिंग 24 घन्टे में ही हो जाना संभव नहीं। संगठन व मुस्लिम नेता यही सवाल कर रहे हैं। यह तो आश्चर्य की बात है कि एक दिन पहले तो भाजपा के वोट क्रॉस होकर कांग्रेस को मिलते हैं, तो दूसरे दिन कांग्रेस के वोट क्रॉस होकर भाजपा में चले जाते हैं, वो भी बडी संख्या में।

नसीम

इस सवाल का जवाब अब कोई भी नहीं दे पा रहा है। कुछ मुस्लिम नेताओं ने दिग्गज नेता डॉ कल्ला पर आरोप लगाया। कल्ला ने स्पष्टीकरण किया और बताया कि किस तरह से उप महापौर का उम्मीदवार तय हुआ। बाड़ाबंदी भी जारी रखी गयी। तब मुस्लिम नेताओं के एक धड़े ने कल्ला को ही ज्ञापन देकर इस मामले की जांच का आग्रह किया। कल्ला ने सबको आश्वासन दिया है कि वे प्रदेश नेतृत्त्व से इस विषय मे बात कर जांच कराएंगे और दोषियों को सजा दिलवायेंगे। पर मुस्लिम उम्मीदवार के हारने का मामला अब उलझता ही जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस के सह प्रभारी भी बीकानेर आये हुए हैं, वे भी पंचायत राज चुनाव की चर्चा के साथ इस मसले पर भी जांच कर रहे हैं। पीसीसी को उसकी रिपोर्ट भी देंगे।

डॉटसर

मुस्लिम नेता पहुंच गए डोटासरा के पास :

मगर बीकानेर कांग्रेस के मुस्लिम नेता रुके नहीं और नोखा विधायक सुशीला रामेश्वर डूडी को साथ लेकर पीसीसी चीफ गोविंद डोटासरा से मिलने पहुंच गए और अपनी नाराजगी जताई। नोखा विधायक सुशीला जी ने भी डोटासरा से मामले की जांच कराने और मुस्लिम नेताओं को न्याय दिलाने की बात कही।
यहीं से अब मामला गंभीर हो गया है। डोटासरा ने मुस्लिम नेताओं को भरोसा दिया कि तीन वरिष्ठ नेताओं की कमेटी बनाकर इस मामले की जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। डोटासरा यहां तक बोल गए कि चाहे कोई कितना भी बड़ा नेता हो, अगर दोषी साबित हुआ तो उसे भी बख्शा नहीं जायेगा। कांग्रेस प्रदेश प्रभारी के जरिये मुस्लिम नेताओं ने यह मामला दिल्ली दरबार तक भी पहुंचा दिया है। मुस्लिम नेताओं ने हाईकमान के नेताओं से मिलकर उनके सामने पूरी बात रखी है और कहा है कि राहुल गांधी के सपनों और लक्ष्यों को पार्टी के ही कुछ नेता ध्वस्त कर रहे हैं। उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जानी चाहिए।

सीएम

आश्चर्य, क्रॉस वोटिंग पर भाजपा में मौन : 

भाजपा में तो मेयर व डिप्टी मेयर के चुनाव में बड़े पैमाने पर क्रॉस वोटिंग हुई है और वो साफ नजर आ रही है, उसके बाद भी पार्टी में मौन है, यह तो आश्चर्य की बात है। मेयर चुनाव में केवल 30 वोट भाजपा को मिलते हैं और वही डिप्टी मेयर चुनाव में बढ़कर 40 हो जाते हैं। इस गड़बड़झाले को लेकर कोई भी नेता बोल नहीं रहा। वहां भी तो तय होना चाहिए कि इसके लिए कौन जिम्मेवार है। भाजपा की तरफ से मेयर का चुनाव लड़ने वाले डॉ सुरेंद्र सिंह शेखावत के साथ हुए अन्याय पर पार्टी के नेता चुप क्यों है।

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