कैबिनेट बैठक में बड़े फैसले: नई औद्योगिक नीति मंजूर, जल संरक्षण अभियान और पेंशन नियमों में बदलाव
RNE Network.
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार शाम मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित मंत्रिमंडल और मंत्रिपरिषद की बैठक में औद्योगिक विकास, जल संरक्षण, ऊर्जा, पेंशनर्स कल्याण और ग्रामीण विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में राजस्थान इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट पॉलिसी को मंजूरी दी गई, वहीं वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान और मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान की भी समीक्षा की गई।
बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन द्वारा एग्रीकोला मेडल से सम्मानित किए जाने पर अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया गया। मंत्रिपरिषद ने इसे देश के किसानों और पशुपालकों के लिए गौरव का विषय बताया।
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने बताया कि नई राजस्थान इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट पॉलिसी ‘4जी’—ग्रीन, गवर्नेंस, ग्रोथ और ग्लोबलाइजेशन—पर आधारित होगी। इसका लक्ष्य वर्ष 2028-29 तक राज्य की अर्थव्यवस्था को 350 बिलियन डॉलर तक पहुंचाना है। नीति के तहत पर्यावरण अनुकूल उद्योग, अक्षय ऊर्जा, सर्कुलर इकोनॉमी, लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी और प्लग एंड प्ले सुविधाओं को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सेमीकंडक्टर, डाटा सेंटर, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वैलरी, टूरिज्म और एग्रो प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा। साथ ही रीको और नॉन-रीको क्षेत्रों में सीईटीपी तथा इंटीग्रेटेड रिसोर्स रिकवरी पार्क विकसित किए जाएंगे।
जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने बताया कि 25 मई से 5 जून तक ‘वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान’ चलाया जाएगा। इसके तहत जल स्रोतों की सफाई, श्रमदान, जल चौपाल, किसान कार्यशालाएं और पौधारोपण जैसे कार्यक्रम आयोजित होंगे। अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को ‘जल गौरव सम्मान’ दिया जाएगा।
ऊर्जा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हीरालाल नागर ने बताया कि मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान के तहत प्राप्त सुझावों के आधार पर तैयार मास्टर प्लान के अनुमोदन के लिए 26 मई को ग्राम सभाएं आयोजित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि भीषण गर्मी के बावजूद राज्य में बिजली की उपलब्धता मांग से अधिक बनी हुई है और पेयजल आपूर्ति की सतत निगरानी की जा रही है।
मंत्रिमंडल ने राजस्थान सिविल सेवा (पेंशन) नियमों में संशोधन को भी मंजूरी दी। अब विशेष योग्यजन बच्चों के लिए स्थायी विकलांगता प्रमाण पत्र केवल एक बार देना होगा। पेंशनर्स को फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक के जरिए जीवन प्रमाण पत्र देने की सुविधा भी मिलेगी।
बैठक में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई भूमि आवंटन प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। मैसर्स डालमिया सीमेंट को जैसलमेर में सीमेंट संयंत्र स्थापना के लिए 121.42 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई, जहां लगभग 3,047 करोड़ रुपये का निवेश होगा। वहीं जेके सीमेंट को प्रस्तावित रेलवे लाइन परियोजना के लिए भूमि आवंटन की स्वीकृति दी गई। इसके अलावा जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर जिलों में अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन को भी मंजूरी दी गई, जिससे प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन और स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।

